प्रयागराज के ब्लैक बक आरक्षित क्षेत्र से विस्थापित होंगे 70 परिवार, आवासीय कालोनी में रहेंगे
प्रयागराज के ब्लैक बक कंजर्वेशन रिजर्व से 70 परिवारों को मुख्यमंत्री आवासीय योजना के तहत नई कॉलोनी में विस्थापित किया ...और पढ़ें

प्रयागराज में मेजा के चांद खमरिया कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्र का औचक निरीक्षण करते मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. एवं सीडीओ हर्षिका सिंह। सौजन्य: सूचना विभाग
HighLights
मुख्यमंत्री आवासीय योजना के तहत आवासीय कालोनी में पुनर्वासित कराने के निर्देश
नदी में पंपिंग स्टेशन लगाकर नहर से ब्लैक बक रिजर्व तक पानी पहुंचाने को होगा सर्वे
यमुनापार में मेजा के चांद खमरिया में है ब्लैक बक कंजर्वेशन रिजर्व का आरक्षित क्षेत्र
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। यमुनापार में मेजा के चांद खमरिया ब्लैक बक कंजर्वेशन रिजर्व के आरक्षित क्षेत्र में रहने वाले लगभग 70 परिवारों को विस्थापित किया जाएगा। इनके लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कालोनी बनाई जाएगी, जिसमें बिजली, पानी, सड़क, सीवर समेत अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने शनिवार को कजर्वेशन रिजर्व का निरीक्षण करने गए थे। उन्होंने ही कालोनी बसाने के निर्देश सीडीओ हर्षिका सिंह को दिए। मंडलायुक्त ने आरक्षित क्षेत्र की सुरक्षा, संरक्षण, जल प्रबंधन, जैव विविधता एवं समग्र विकास के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
आरक्षित क्षेत्र की शेष भूमि का डी-मार्केशन कराते हुए स्पष्ट सीमांकन को कहा। वर्षा जल संचयन, तालाब एवं बंधियों के निर्माण तथा आवश्यकतानुसार पौधारोपण से क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यावरण को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
आरक्षित क्षेत्र में लगभग 250 लोगों को जमीन का पट्टा काफी पहले दिया गया था, जिसमें से 70 लोगों के घर बन गए हैं। इन्हीं लोगों के लिए कालोनी बसाई जाएगी।ब्लैक बक को पेयजल के दृष्टिगत एनटीपीसी के सीएसआर फंड से विभिन्न स्थानों पर सोलर पंप आधारित ब्लास्ट वेल विकसित करने के निर्देश दिए। इनसे छोटे तालाब विकसित कर मृगों के लिए वर्षभर जल की उपलब्धता की जाएगी।
इसके लिए एनटीपीसी के अधिकारियों ने सहमति प्रदान की। पास में स्थित लपरी नदी में पंपिंग स्टेशन स्थापित कर नहर से आरक्षित क्षेत्र तक पानी पहुंचाने की संभावनाओं का सर्वे कराने तथा उपयुक्त प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। सर्वे के बाद प्रस्ताव व्यवहार्य पाए जाने पर लघु सिंचाई विभाग से कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।
मृगों के लिए पर्याप्त एवं प्राकृतिक आहार की उपलब्धता के दृष्टिगत मनरेगा से ग्रीन नर्सरी विकसित करने को कहा। इसमें स्थानीय परिस्थितियों एवं कृष्ण मृगों के प्राकृतिक आहार के अनुरूप वनस्पतियों के विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इको पार्क में मिट्टी एवं खपरैल से निर्मित हट्स तथा प्राकृतिक परिवेश को यथासंभव संरक्षित रखने को कहा। आगंतुकों को प्रकृति के निकट होने का अनुभव प्रदान करने वाली व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में वाच टावर बनाने को कहा।
