प्रयागराज में बनेगा 2500 किलोलीटर क्षमता का अंडरग्राउंड रिजर्वायर, 37 हजार घरों को मिलेगा पानी
प्रयागराज के नैनी में 2500 किलोलीटर क्षमता का भूमिगत जलाशय और 81 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है।

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HighLights
नैनी में 2500 किलोलीटर क्षमता का भूमिगत जलाशय का निर्माण।
81 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 37 हजार घरों को मिलेगी जलापूर्ति।
अमृत योजना के तहत पेयजल व्यवस्था में सुधार, एक वर्ष में पूर्ण।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। विस्तारित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नैनी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी पहुंचाने के लिए नैनी क्षेत्र के मड़ौका उपरहार में 2500 किलोलीटर क्षमता का भूमिगत जलाशय बनाया जाएगा।
भूमिगत जलाशय के निर्माण में दो करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। अरैल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बगल दो हेक्टेयर से अधिक में 81 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जा रहा है।
इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 10 वार्डों के 37 हजार घरों में जलापूर्ति की जाएगी। इससे 450 किलोमीटर तक पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। 0.2260 हेक्टेयर में भूमिगज जलाशय का निर्माण किया जाएगा।
एक साल में पूरा होगा काम
इस जलाशय में यमुना का पानी संरक्षित किया जाएगा उसके बाद नैनी में बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंचाया जाएगा। इस कार्य के लिए लगभग 273 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एक से डेढ वर्ष में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और भूमिगत जलाशय का निर्माण पूरा हो जाएगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि अमृत योजना अंतर्गत नैनी क्षेत्र में 81 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो रहा है। 2500 किलोलीटर क्षमता का भूमिगत जलाशय का निर्माण एक वर्ष में पूरा हो जाएगा।
