मित्र पोर्टल से अध्यापन, अनुसंधान और पारदर्शी मूल्यांकन तेज होगी, स्कूली व शिक्षक शिक्षा के ढांचे को नई दिशा मिलेगी
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने मित्र पोर्टल का शुभारंभ किया है, जिसका उद्देश्य स्कूली शिक्षा और शिक्षक शिक्षा के ढांचे ...और पढ़ें

मित्र पोर्टल से शिक्षा में क्रांति आएगी।
HighLights
पोर्टल प्रोफेसरों, अध्यापकों, सेवानिवृत्त शिक्षाविदों व विषय विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा
यह उत्कृष्ट 'मेंटर पूल' और शिक्षकों के साथ संवाद भी स्थापित करने में सहायक बनेगा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। स्कूली शिक्षा और शिक्षक शिक्षा के ढांचे को नई दिशा देने की कोशिश है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर उतारते हुए 'राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद' के स्थापना दिवस पर समर्थ शिक्षक सशक्त भारत के विजन के साथ मित्र पोर्टल की शुरुआत की गई है।
भारतीय संस्कृति और परंपरा में ‘मित्र’ साथी ही नहीं बल्कि राह दिखाने वाला होता है। इसी विचार को आत्मसात करते हुए यह डिजिटल प्लेटफार्म बना है। इसका उद्देश्य देशभर में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण और मेंटरशिप के स्वरूप को सशक्त बनाना है। इससे अध्यापन, अनुसंधान और पारदर्शी मूल्यांकन को बल मिलेगा। पोर्टल देश भर के प्रोफेसरों, अध्यापकों, सेवानिवृत्त शिक्षाविदों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को एक साथ लाएगा। यह उत्कृष्ट 'मेंटर पूल' और शिक्षकों के साथ संवाद भी स्थापित करने में सहायक बनेगा।
राष्ट्रीय मेंटर शत्रुंजय शर्मा के अनुसार इस पोर्टल का पूरा नाम मेंटरिंग इनीशिएटिव आफ टीचिंग रिसर्च एंड असिस्टेंट है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की ओर से इसका संचालन किया जाएगा। समर्थ शिक्षक सशक्त भारत के सिद्धांत पर यह कार्य करेगा। इसके माध्यम से नए और सेवारत शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण पद्धतियों, शोध व अनुसंधान, पारदर्शी व वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन के क्षेत्र में मार्गदर्शन मिलेगा।
बताया कि यह प्लेटफार्म शिक्षकों को एक साथ आगे बढ़ने और विचार साझा करने में सहयोग देगा। इससे शैक्षणिक ढांचा अधिक नैतिक, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार 'मेंटर पूल' तैयार करने का सुझाव दिया गया है। यह उसी दिशा में बढ़ा कदम है। पोर्टल शिक्षकों को अल्पकालिक और दीर्घकालिक पेशेवर सहायता प्रदान करेगा।
कुल 30 तरह के अलग अलग खंड पोर्टल में हैं जो शिक्षकों के लिए सहायक बनेंगे। वर्तमान में बदलती शैक्षणिक जरूरतों और डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए शिक्षकों को इससे मदद मिलेगी। शिक्षण शास्त्र, डिजिटल शिक्षा, समावेशी शिक्षा, स्कूल नेतृत्व जैसे विषय पर जानकारी मिलेगी।
