लारेंस विश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने वाले को हाई कोर्ट से मिली जमानत, स्पीड पोस्ट के जरिए दी थी धमकी
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गैंगस्टर लारेंस विश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने के आरोपी हशमत हुसैन को सशर्त जमानत दे ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
गैंगस्टर लारेंस विश्नोई के नाम पर रंगदारी का मामला।
आरोपी हशमत हुसैन को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत।
अलीगढ़ में स्पीड पोस्ट से भेजी गई थी धमकी।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जेल में कैद गैंग्सटर लारेंस विश्नोई के नाम पर अलीगढ़ के प्रतिष्ठित लोगों और चिकित्सकों से दो करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोपित को सशर्त जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जय प्रकाश तिवारी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के तिब्बिया कालेज में संविदा कर्मी हशमत हुसैन की जमानत अर्जी पर दिया है।
सिविल लाइंस थाना में दर्ज एफआईआर में आरोप है कि तीन जून 2026 को दिल्ली के कनाट प्लेस के मुख्य डाकघर से डाक्टर व ज्वैलर्स सहित आठ लोगों को स्पीड पोस्ट भेजे गए। पत्र लारेंस बिश्नोई के नाम से भेजा गया। इसमें डाक्टर से 22 हजार क्रिप्टो करेंसी में फिरौती मांगी गई।
भुगतान न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने, उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। अलग-अलग लोगों को पत्र भेजकर आरोपित ने लगभग दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। छह पीड़ितों ने अलग-अलग एफआइआर दर्ज कराई। ट्रायल कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया तो हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है।
अधिवक्ता यावर मुख्तार ने दलील दी कि याची को झूठा फंसाया गया है। एफआईआर में वह नामित नहीं था। विवेचना के दौरान उसका नाम उजागर हुआ। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में संविदा पर काम कर रहा था। याची का आपराधिक इतिहास भी नहीं है। आठ जून से वह जेल में बंद है।
