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जल जीवन मिशन घोटाला : जल निगम प्रयागराज के फर्जी भुगतान में थर्ड पार्टी एजेंसियां भी घिरीं, कस रहा शिकंजा

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 21 May 2026 05:47 PM (IST)

प्रयागराज में जल जीवन मिशन के तहत 20 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान मामले में इंजीनियरों के बाद अब थर्ड ...और पढ़ें

जल जीवन मिशन प्रयागराज में घोटाले की जांच का दायरा बढ़ गया है। सोर्स- AI जनरेट की गई प्रतीकात्मक तस्वीर

जल जीवन मिशन प्रयागराज में घोटाले की जांच का दायरा बढ़ गया है। सोर्स- AI जनरेट की गई प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. 20 करोड़ के फर्जी भुगतान में एसई-एक्सईएन व एई-जेई के खिलाफ मुख्यालय से चल रही जांच

  2. नई टंकियों के साथ पुरानी टंकियों का कराया गया फर्जी भुगतान, टीपीआइ की भी जांच होगी अब

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जल जीवन मिशन में प्रयागराज जिले के इंजीनियरों द्वारा लगभग 20 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान के मामले में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसियां (टीपीआइए) भी घिरती जा रही हैं, क्योंकि हर भुगतान के पहले टीपीआइए को सत्यापन रिपोर्ट देनी होती है। अब इन एजेंसियों की भी जांच कराई जाएगी। इसके लिए जल निगम के नोडल अधिकारी व एडीएम नमामि गंगे संजीव शाक्य ने इन एजेंसियों को नोटिस भेजकर भुगतान की फाइल तलब की है।

जल निगम में जनवरी से लेकर मार्च तक में पानी की नई टंकियों तथा पुरानी टंकियों के मरम्मत कार्य के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान करा लिए गए। इसमें तत्कालीन अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता रहे प्रवीण कुमार कुट्टी पर गंभीर आरोप लगे हैं। साथ ही चार अवर व सहायक अभियंताओं पर इस फर्जी भुगतान में शामिल होने के आरोप हैं।

शासन स्तर पर इसे गंभीरता से लिया गया है और जल निगम के लखनऊ स्थित मुख्यालय में तैनात मुख्य अभियंता एके सिंह को जांच सौंपी गई है। मुख्य अभियंता के निर्देश पर लखनऊ से आई टेक्निकल जांच में जुट गई है। आरोप है कि पानी की टंकियों की जलापूर्ति लाइन में लीकेज दूर करने के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान करा लिया गया है, जबकि लाइन में लीकेज था ही नहीं।

इसके अलावा कई पुरानी टंकियों को रेट्रोफिटिंग में ले ली गई थीं, जो बिल्कुल ठीक थीं।मतलब, इनमें भी फर्जी भुगतान का बड़ा खेल हुआ है। लखनऊ स्थित जल निगम से जांच बैठाए जाने पर जनपद में नोडल अधिकारी बनाए गए एडीएम नमामि गंगे की ओर से भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

विभाग के अधिकारियों की ओर से सवाल उठाए गए हैं कि कोई भी भुगतान बिना थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसी के नहीं हो सकता है। इस एजेंसी की के कार्य की सत्यापन रिपोर्ट के बाद भुगतान हो सकता है। यहां पर एक नहीं बल्कि दो-दो एंजेंसियां हैं, फिर भी फर्जी भुगतान करा लिया गया।

इसको लेकर ही एडीएम नमामि गंगे की ओर से दोनों एजेंसियों को नोटिस भेजकर पूरे भुगतान का ब्यौरा तलब कर लिया गया है। जिस समय ये भुगतान हुए हैं उस समय एसई और एक्सईन दोनों पद ही प्रवीण कुट्टी तैनात थे, जो अब आजमगढ़ में तैनात हैं। जांच कमेटी जल्द ही उनसे भी पूछताछ करेगी और उनका जवाब तलब करेगी।

जल निगम में भुगतान के मामले में इंजीनियरों के खिलाफ शुरू की गई जांच और भुगतान के बारे में उन्हें जानकारी तक नहीं दी गई है। अब सभी कार्यों से लेकर भुगतानों का विस्तृत ब्यौरा तलब किया गया है। साथ ही थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एंजेसियों से भी पूरी फाइल मांगी गई है। इसके बाद आगे की कार्यवाही कराई जाएगी।
- संजीव शाक्य, एडीएम नमामि गंगे

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