Indian Railways : रेलवे में ट्रेन मैनेजरों का नया ग्रेडिंग सिस्टम, रुकेगी मानवीय भूल; यात्रा होगी सुरक्षित व अरामदायक
भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) के लिए नया परफार्मेंस आधारित ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर ...और पढ़ें

सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे ने ट्रेन मैनेजरों के लिए नई ग्रेडिंग प्रणाली लागू की है। जागरण आर्काइव फोटो
HighLights
सिग्नल की अनदेखी, तकनीकी सतर्कता में चूक का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है
यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) को और सधा प्रशिक्षण मिलेगा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पटरी पर दौड़ती ट्रेन के बीच अक्सर सिग्नल की अनदेखी, तकनीकी सतर्कता में चूक या आपात स्थिति में सही तालमेल न होने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। इसे पूर्णत: रोकने, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) को और सधा प्रशिक्षण मिलेगा।
परफार्मेंस आधारित ग्रेडिंग सिस्टम लागू होगा
इनके रिफ्रेशर प्रशिक्षण में अब 'पास-फेल' का पारंपरिक ढर्रा खत्म कर परफार्मेंस आधारित ग्रेडिंग सिस्टम लागू होगा। पूर्व व्यवस्था में केवल पास या फेल देखा जाता था, जिससे कर्मचारी की वास्तविक कमजोरियों का पता नहीं चलता था। अब ए, बी और सी ग्रेडिंग व्यवस्था से ट्रेन मैनेजर की कार्यकुशलता पर लगातार नजर रहेगी।
बी-सी ग्रेड वालों को गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा
कमजोर प्रदर्शन (बी व सी ग्रेड) करने वाले कर्मचारियों को विशेष काउंसलिंग, संरक्षा अभियानों और गहन प्रशिक्षण से गुजारा जाएगा। जब तक उनकी खामियां दूर नहीं होंगी, वे विशेष निगरानी में रहेंगे। इससे मानवीय भूलों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं, गलत सिग्नलिंग और अचानक लगने वाले झटकों जैसी आशंकाओं में कमी आएगी।
यात्रियों को भयमुक्त यात्रा का भरोसा मिलेगा
लगातार पांच आकलनों का रिकार्ड रहने से रेलवे प्रशासन को यह सटीक जानकारी रहेगी कि कौन सा स्टाफ किस परिस्थिति में कितना सक्षम है। इससे आपातकालीन स्थितियों में तुरंत सटीक फैसले लिए जा सकेंगे और यात्रियों को भयमुक्त व आरामदायक यात्रा का भरोसा मिलेगा।
