रेलवे स्टेशनों पर अब गुटखा थूकना पड़ेगा महंगा, RPF सीधे काटेगी चालान; चलेगा 'नो रेड स्पॉट' अभियान
भारतीय रेल 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक स्टेशनों को पान-गुटखे के दागों और गंदगी से मुक्त करने के लिए सघन स्वच्छता महाअभियान चलाएगा।

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HighLights
17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा सघन स्वच्छता महाअभियान।
स्टेशनों और ट्रेनों में थूकने पर आरपीएफ काटेगी सीधा चालान।
'नो रेड एंड येलो स्पॉट' अभियान से दाग-धब्बे होंगे साफ।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेल अपने पूरे नेटवर्क में स्टेशनों को पान-गुटखे की पीक के लाल दागों, गंदगी और अवैध विज्ञापनों से मुक्त करेगा। स्टेशनों और ट्रेनों में थूकने या कचरा फेंकने वालों पर आरपीएफ व चेकिंग अमला सीधे चालान काटेगा।
देश भर 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक तीन चरणों में सघन स्वच्छता महाअभियान चलेगा। इसमें 'स्वच्छता ही सेवा' (17 सितंबर से दो अक्टूबर), 'स्वच्छता पखवाड़ा' (एक से 15 अक्टूबर) और 'विशेष अभियान 6.0' (दो से 31 अक्टूबर) शामिल हैं।
फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) की सीढ़ियों, सबवे, खंभों और कोनों पर यात्रियों द्वारा थूके गए पान-गुटखे के लाल धब्बों (रेड स्पॉट्स) और पेशाब की गंदगी (येलो स्पॉट्स), दीवारों पर धड़ल्ले से अवैध पोस्टर और चिपके पर्चे हटेंगे। इसके लिए नौ और 10 अक्टूबर को पूरे देश में विशेष 'नो रेड एंड येलो स्पॉट' अभियान चलाया जाएगा।
एफओबी, सबवे, पिलर और प्लेटफॉर्म के कोनों से मशीनों व केमिकल द्वारा गुटखे के लाल दागों और पीले धब्बों को रगड़कर साफ किया जाएगा। तुरंत सफेदी और पेंटिंग कर वहां 'थूक कर मत गंदा करो' तथा 'नो स्पिटिंग' के चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
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तिथिवार तय हुआ महासफाई का खाका
- 17 से 30 सितंबर: रेलवे स्कूलों में स्वच्छता ज्ञान यात्रा, चित्रकला प्रतियोगिताएं, 'कबाड़ से जुगाड़' से कलाकृतियां और 30 सितंबर को सफाईमित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच व सम्मान शिविर लगेंगे।
- 1 अक्टूबर: सुबह आठ बजे देशव्यापी 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' श्रमदान होगा। ट्रेनों और स्टेशनों पर 'मेरी सीट, मेरा डिब्बा' उद्घोषणा से यात्रियों को जागरूक किया जाएगा।
- 2 अक्टूबर: स्वच्छता शपथ, प्रभात फेरियां और 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत पौधरोपण होगा।
- 3 से 5 अक्टूबर: स्टेशनों, प्रतीक्षालयों, पैंट्री कार और बेस किचन की मशीनीकृत डीप क्लीनिंग होगी।
- 6 से 8 अक्टूबर: पटरियों के किनारे और यार्डों में बरसों से जमा पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) व झाड़ियों की जेसीबी से सफाई होगी।
- 11 से 15 अक्टूबर: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की अनुपालना होगी और बड़े रेलवे परिसरों का बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में सीपीसीबी पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराया जाएगा।
- 2 से 31 अक्टूबर: रेलवे दफ्तरों से पुरानी फाइलों का निस्तारण, कबाड़ निस्तारण और वैज्ञानिक ई-कचरा प्रबंधन किया जाएगा। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली रेल इकाइयों को जल शक्ति मंत्रालय की ओर से तीन राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाएंगे।
