ट्रेनों के पार्सल कोच में अब भेजे जा सकेंगे इत्र व परफ्यूम, रेलवे बोर्ड ने नियमों में दी ढील
भारतीय रेलवे ने अब यात्री ट्रेनों के लीज्ड पार्सल स्पेस में इत्र, डिओडोरेंट जैसे परफ्यूमरी उत्पादों की ढुलाई को औपचारिक ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
रेलवे ने परफ्यूमरी उत्पादों की ढुलाई को मंजूरी दी।
यात्री ट्रेनों के लीज्ड पार्सल स्पेस में होगी ढुलाई।
इत्र और कॉस्मेटिक उद्योग को मिलेगी बड़ी राहत।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेल से अब इत्र, डिओडोरेंट और सेंट जैसे परफ्यूमरी उत्पादों को देश भर में कहीं भी भेजा जा सकेगा। इन्हें स्थानीय स्तर पर एक शहर से दूसरे शहर भेजना आसान हो गया है। रेलवे बोर्ड ने यात्री ट्रेनों के लीज्ड पार्सल स्पेस (एसएलआर और वीपी कोच) में परफ्यूमरी उत्पादों की ढुलाई को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
21 अगस्त को सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को फ्रेट मार्केटिंग सर्कुलर जारी कर नीतिगत नियमों में संशोधन के निर्देश दिए हैं और तत्काल प्रभाव से आदेश को लागू कर दिया गया है।इससे पहले रेलवे ने लीज्ड कोचों में लिथियम-आयन बैटरी वाले उपकरणों की ढुलाई को सशर्त अनुमति दी थी।
उसी नीतिगत प्रावधान का दायरा बढ़ाते हुए रेड टैरिफ के तहत आने वाले परफ्यूमरी उत्पादों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। अब तक ज्वलनशील श्रेणी में होने के कारण इनकी लोडिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध था। इस फैसले से इत्र, कास्मेटिक और पर्सनल केयर उद्योग से जुड़े कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी और वे ट्रेनों के जरिये देश भर में कम समय में माल पहुंचा सकेंगे।
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रेलवे बोर्ड की निदेशक (फ्रेट मार्केटिंग) प्रतिभा पॉल ने बताया कि सुरक्षा के सख्त नियम लागू रहेंगे और परफ्यूमरी उत्पादों की लोडिंग रेलवे प्रशासन की सीधी निगरानी में होगी। लीज धारक को माल लदान से कम से कम 48 घंटे पहले अग्रिम सूचना देनी होगी और 48 घंटे पहले अलग माल सूची (मैनिफेस्ट) सौंपनी होगी, ताकि सुरक्षा मानकों के तहत जरूरी व्यवस्थाएं की जा सकें। स्टैंडअलोन लिथियम बैटरी या गैर-स्वीकृत खतरनाक सामान पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा।
