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यूपी में इस वजह से अचानक बढ़ीं वज्रपात की घटनाएं, जमीन-आसमान से जुड़ा है कनेक्‍शन

उत्‍तर-प्रदेश के दो मंडल प्रयागराज और प्रतापगढ़ में आसमान कहर बरपा रहा है। यहां वज्रपात से 30 लोगों की मौत मात्र दो दिनों के अंदर हो गई है। वहीं बात करें पूरे यूपी की यह संख्‍या बढ़कर 52 पहुंच जाती है। बता दें कि एक हफ्ते बारिश के बाद से लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं। अब लोग बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

By Jagran News Edited By: Vivek Shukla Thu, 11 Jul 2024 02:01 PM (IST)
बिजली चमकने का नजारा।- उत्तम राय चौधरी

 मृत्यंजय मिश्रा, जागरण, प्रयागराज। प्रतापगढ़ और प्रयागराज में पिछले दो दिनों के दौरान वज्रपात से 30 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अचानक वज्रपात बढ़ती घटनाओं के पीछे विज्ञानियों का मत है कि असमान हवाओं और बादलों में बड़े बर्फ के क्रिस्टलों की ज्यादा संख्या इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है।

कम बारिश के कारण ऐसे बड़े क्रिस्टल बनते हैं और आसमान में मौजूद ठंडी और जमीन से उठने वाली गर्म हवाओं के संपर्क में आने से बनने वाले ऋणात्मक और घनात्मक चार्ज के कारण बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। हालांकि विज्ञानियों का कहना है ऐसा होना प्राकृतिक है और इसको क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से नहीं जोड़ा जा सकता है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के प्रो. एआर सिद्दीकी के अनुसार, आसमान में बादल छाए हुए हैं पर बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में असमान तापमान की स्थिति बन गई है। यानी बादलों में तापमान कम है और जमीन से उठने वाली गर्म हवाएं हल्की होकर बादलों से टकरा रही हैं।

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बादलों में संघनन से ड्रापलेट यानी छोटे क्रिस्टल बनते हैं। हवाओं में अस्थिरता की वजह से यह छोटे क्रिस्टल बड़े होकर एक कुंज बना लेते हैं। इसकी वजह से बादलों में ऋणात्मक और धनात्मक पार्टिकल बन जाते हैं। इसकी वजह से बड़े क्रिस्टल टूटते हैं और इस चार्ज की वजह से बिजली गिरती है।

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प्रो. सिद्दीकी मानते हैं बारिश नहीं होने के कारण धरती से गर्म हवाएं हल्की होकर बादलों से टकरा रही है और बिजली गिर रही है। दूसरा बारिश की स्थिति में किसान खेतों के बजाय कहीं ओट में रहते हैं।

बारिश नहीं होने के कारण वह खेतों में चले जा रहे हैं और इस दौरान बादलों में असमान हवाओं की वजह से ऋणात्मक और धनात्मक चार्ज बन रहा है, जिससे बिजली गिरती है और असुरक्षित खुले क्षेत्र में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।