JRF से SRF अपग्रेडेशन का नियम बदला, अब तीन शर्तें लागू; IIIT प्रयागराज ने नई व्यवस्था को दी मंजूरी
आईआईआईटी प्रयागराज ने जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) से सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ) अपग्रेडेशन के नियमों में बदलाव किया है।

मृत्युंजय मिश्र, प्रयागराज। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) प्रयागराज ने जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) से सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ) में अपग्रेडेशन के लिए नई व्यवस्था को मंजूरी दी है। अब केवल एक शोध पत्र प्रकाशित करना पर्याप्त नहीं होगा। शोधार्थियों को अपग्रेडेशन के लिए तीन प्रमुख कसौटियां पूरी करनी होंगी।
पहली, शोधार्थी को अपने शोध के आधुनिक स्तर के अनुरूप निर्धारित अकादमिक और शोध कार्य संतोषजनक रूप से पूरा करना होगा। दूसरी, 12 रिसर्च क्रेडिट में से कम से कम चार क्रेडिट हासिल करना अनिवार्य होगा। तीसरी शर्त यह है कि डाक्टोरल कमेटी शोधार्थी की प्रगति से संतुष्ट होकर एसआरएफ के लिए सिफारिश करे।
उपलब्धि केवल प्रकाशन के आधार पर नहीं
पहले, जेआरएफ से एसआरएफ में अपग्रेडेशन के लिए केवल एक शोध पत्र प्रकाशित करना अनिवार्य था। अब संस्थान ने प्रकाशन के बजाय शोधार्थी के समग्र शोध कार्य और उसकी प्रगति को मूल्यांकन का आधार बनाया है। सदस्यों ने माना कि शोध की उपलब्धि को केवल प्रकाशन के आधार पर नहीं देखना चाहिए। पेटेंट और ट्रांसलेशनल रिसर्च जैसे अन्य परिणाम भी महत्वपूर्ण संकेतक हो सकते हैं।
नई व्यवस्था का उद्देश्य शोधार्थियों को ऐसे शोध के लिए प्रोत्साहित करना है, जिसका अकादमिक महत्व हो और जो वास्तविक दुनिया में उपयोगी हो सके। डाक्टोरल कमेटी की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी, जो शोधार्थी के काम की प्रगति का आकलन करेगी। अब शोध की गुणवत्ता, रिसर्च क्रेडिट और प्रगति तीनों को देखा जाएगा।
