प्रयागराज के छावनी परिषद अस्पताल में AI से ICU में भर्ती मरीज की घर बैठे करें निगरानी, मरीज व डॉक्टर से बात भी करें
प्रयागराज के छावनी परिषद अस्पताल ने AI तकनीक से एक अनूठी पहल की है। अब ICU में भर्ती मरीज को ...और पढ़ें

प्रयागराज में छावनी परिषद का अस्पताल। जागरण
HighLights
प्रयागराज में छावनी परिषद अस्पताल ने की पहल, अब तीमारदारों का खत्म होगा संशय
बड़े अस्पतालों से समन्वय स्थापित, राउंड पर आए डाॅक्टर से भी कर सकते हैं बात
अमरदीप भट्ट, प्रयागराज। आइसीयू में भर्ती मरीज को लेकर तीमारदारों की घबराहट और किसी भी प्रकार का संशय खत्म करने के लिए छावनी परिषद सामान्य अस्पताल ने अनूठी पहल की है। एआइ (आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन ने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर मरीज को देखने और बात करने की सुविधा दी है।
यह सब कैसे संभव होगा?
इससे आप कहीं से अपने मरीज की निगरानी 24 घंटे करने के साथ राउंड पर आए डाॅक्टर से बात कर सकते हैं। इतना ही नहीं, बीते 72 घंटे की आडियो-वीडियो रिकार्डिंग प्ले बैक पर देख सकते हैं। मरीज के भर्ती होने और एडमिशन फाइल बनने के तत्काल बाद तीमारदार के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर लिंक भेज दिया जाएगा। इस लिंक को खोलने के लिए पासवर्ड की मांग होगी तो उस पर मरीज की जन्मतिथि भरना होगा। इसके ठीक बाद मरीज को लाइव देख सकते हैं।
28 बेड पर यह सुविधा शुरू की गई है
खास बात यह है कि आइसीयू और सीसीयू में कैमरे ऐसे सेट किए गए हैं, जिससे मरीज के सिरहाने लगा मानीटर साफ दिखेगा, उसकी भी निगरानी घर बैठे कर सकते हैं। फिलहाल 28 बेड पर यह सुविधा शुरू की गई है। छावनी परिषद सामान्य अस्पताल ने लखनऊ, दिल्ली के बड़े अस्पतालों से समन्वय स्थापित किया है। वहां के डाॅक्टर ई-आइसीयू के जरिये रोज वर्चुअल राउंड करते हैं। मरीज तथा आइसीयू में ड्यूटी पर आए डाॅक्टर से बात करके इलाज की स्थिति और हालत के बारे में जानकारी लेते हैं। जरूरत पड़ने पर उच्च गुणवत्ता वाले इलाज की प्रक्रिया मरीज के पास मौजूद डाक्टर को बताते हैं।
सुबह और रात में एक-घंटे समय निर्धारित
मरीज से तीमारदार के बातचीत के लिए सुबह और रात में एक-एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में बातचीत करते हैं तो तीन मिनट का टाइमर लगाया गया है। यह बातचीत केवल अस्पताल में पंजीकृत फोन नंबर से ही होगी।
निश्शुल्क होगी यह सुविधा
छावनी परिषद सामान्य अस्पताल के निदेशक डाॅ. एसके पांडेय ने बताया कि इस सुविधा के कई फायदे हैं। तीमारदार अपने मरीज की निगरानी करते रहेंगे तो डाॅक्टर या अस्पताल पर कोई आरोप लगने की संभावना काफी कम होगी। मरीज से बात कर सकते हैं इससे उन्हें संतुष्टि भी होगी। साथ ही लखनऊ, दिल्ली के डाॅक्टरों से सीधे इलाज का लाभ मिल रहा है। इस सुविधा का कोई अलग से शुल्क नहीं है।
बजेगा अलार्म तो फोन पर सुन सकेंगे
मरीज की हालत यदि अचानक खराब होती है, मानीटर पर स्थितियां कुछ असहज प्रदर्शित होने लगती हैं और डाक्टर पास में मौजूद नहीं है तो अलार्म बजेगा। यह अलार्म तीमारदार के फोन पर भी सुनाई देगा। उस समय तीमारदार संबंधित डाक्टर को अस्पताल में फोन करके मरीज की हालत के संबंध में जानकारी दे सकते हैं।
