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ज्ञानवापी वुजुखाना सर्वे मामले की सुनवाई इलाहाबाद HC में छह अक्टूबर तक टली, वाराणसी जिला जज के आदेश को दी गई है चुनौती

By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 24 Aug 2026 04:41 PM (GMT+05:30)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के वुजुखाना क्षेत्र में एएसआई सर्वे की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 6 अक्टूबर ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट में ज्ञानवापी वुजुखाना सर्वे मामले की सुनवाई टल गई है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट में ज्ञानवापी वुजुखाना सर्वे मामले की सुनवाई टल गई है।

HighLights

  1. हाई कोर्ट में एएसआई से सर्वे की मांग वाली सिविल रिवीजन पर सुनवाई

  2. श्रृंगार गौरी वाद की प्रमुख वादिनी राखी सिंह ने यह रिवीजन दाखिल की है

  3. रिवीजन 16 जनवरी 2024 को दाखिल हुई थी, अब तक 29 बार लिस्ट हो चुकी 

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के वुजुखाना क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) से सर्वे की मांग वाली सिविल रिवीजन पर सुनवाई छह अक्टूबर 2026 तक स्थगित कर दी है। श्रृंगार गौरी वाद की प्रमुख वादिनी राखी सिंह ने यह रिवीजन दाखिल की है। इसमें वाराणसी जिला जज के 21 अक्टूबर 2023 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें वुजुखाना के एएसआइ सर्वे कराने की मांग खारिज कर दी गई थी।

एकलपीठ के समक्ष आज हुई सुनवाई 

सोमवार को न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। राखी सिंह के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कोर्ट को बताया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और वहां 15 सितंबर 2026 को सुनवाई संभावित है। इसे देखते हुए हाई कोर्ट ने कार्यवाही टाल दी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या है?

रिवीजन 16 जनवरी 2024 को दाखिल हुई थी और अब तक 29 बार लिस्ट हो चुकी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण प्रभावी सुनवाई नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर 2024 को आदेश दिया है कि जब तक मामला उसके समक्ष लंबित है, कोई प्रभावी अंतरिम या अंतिम आदेश जिसमें सर्वे आदेश भी शामिल है, पारित नहीं किया जाए।