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ड्राइविंग लाइसेंस: वाहन चलाने में तीन बार हुए फेल तो हताश न हों, दो माह बाद फिर कर सकेंगे आवेदन

By Rajendra Yadav Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 28 Sep 2026 07:30 PM (IST)

ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में तीन बार फेल होने पर भी निराश न हों, 60 दिन बाद फिर से आवेदन कर ...और पढ़ें

प्रयागराज के नैनी में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए बनाया गया अत्याधुनिक ट्रैक। जागरण आर्काइव

प्रयागराज के नैनी में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए बनाया गया अत्याधुनिक ट्रैक। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. प्रयागराज में अत्याधुनिक ट्रैक पर वाहन चलाते हुए पास करनी होगी परीक्षा

  2. दूसरी और तीसरी बार टेस्ट देने पर अभ्यर्थियों को देनी होगी 300 रुपये फीस

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के लिए पहली बार फेल होने पर दो बार और मौका दिया जाएगा। दूसरी और तीसरी बार फीस भी कटेगी। इसके बाद भी अगर पास नहीं हुए तो नये सिरे से आवेदन करना होगा। हालांकि, यह प्रक्रिया 60 दिन के बाद ही होगी।

अब मैनुअल टेस्ट की व्यवस्था खत्म

नैनी स्थित परिवहन विभाग के कार्यालय में पहले मैनुअल टेस्ट की व्यवस्था थी। इसमें अमूमन सभी आवेदक पास हो जाते थे, लेकिन अब यहां की व्यवस्था में बदलाव हो गया है। अत्याधुनिक निजी ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट सेंटर ने लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया अपने हाथ में ले ली है।

वाहनों के लिए ऑटोमेटिक ट्रैक 

दो और चार पहिया के लिए आटोमेटेड ट्रैक बनाया गया है। आवेदनकर्ता को इसी ट्रैक पर खुद का वाहन चलाना होता है। यह पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होती है। आवेदक की ड्राइविंग दक्षता को दो चरणों में परखा जा रहा है।

दो चरणों की प्रक्रिया

पहले चरण में चालक को सिम्युलेटर मशीन की एलईडी स्क्रीन के सामने बैठकर वर्चुअल परिस्थितियों में स्टीयरिंग संभालनी होगी। इसमें आपातकालीन ब्रेक, ट्रैफिक सिग्नल व विपरीत परिस्थितियों में वाहन नियंत्रण की जांच होगी। दूसरे चरण में आवेदक को सीसीटीवी कैमरों और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस वास्तविक ट्रैक पर वाहन चलाना होगा। हल्का सा ट्रैक छोड़ने पर साफ्टवेयर स्वतः ही आवेदक को फेल कर दे रहा है।

तीन बार के बाद भी मिलेगा मौका 

पहली बार फेल होने पर दूसरा मौका सप्ताह भर बाद तीन सौ रुपये फीस जमा करने पर मिलता है। दूसरी बार भी फेल होने पर तीसरा और अंतिम मौका मिलता है। इसमें भी तीन सौ रुपये फीस जमा करनी होती है। अगर तीसरी बार भी आवेदक फेल हो गया तो उसे पुन: आवेदन करने के लिए 60 दिन का इंतजार करना पड़ेगा।

सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में आटोमेटेड ट्रैक पर स्थाई डीएल के लिए आवेदक को टेस्ट देना होता है। तीन बार वाहन चलाने का यहां मौका दिया जाता है। तीनों बार अगर फेल हुए तो नई व्यवस्था में दोबारा स्थाई डीएल के लिए 60 दिन बाद आवेदन करना होगा।
- पुष्पेंद्र सिंह, आरआइ, परिवहन विभाग

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