यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी के सबसे गर्म शहर में गर्मी ने दिखाया ऐसा तेवर, एक हफ्ते की बिजली की खपत जानकर हो जाएंगे हैरान
Electricity consumption संगम नगरी में अप्रैल में अमूमन जनपद में 350-380 मेगावाट बिजली की खपत होती है लेकिन इस बार ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Electricity consumption गर्मी के तेवर किस तरह से तल्ख हो रहे हैं, उसका पता उपकेंद्रों पर पड़ने वाले लोड से पता चलता है। सप्ताह भर के भीतर 80 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई है। यह छह उपकेंद्रों की क्षमता के बराबर है। खपत इसलिए बढ़ी है, क्याेंकि गर्मी के कारण लोगों ने एसी, कूलर व पंखा का निरंतर उपयोग कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्थिति काफी खराब है। छोटे ट्रांसफार्मर लगे होने से यह लाेड नहीं बर्दाश्त कर पा रहे हैं और फुंक जा रहे हैं। एक माह के भीतर 132 छोटे ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। वहीं, शहरी क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों के फुंकने का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है।
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अप्रैल में अमूमन जनपद में 350-380 मेगावाट बिजली की खपत होती है, लेकिन इस बार सभी रिकार्ड टूट गए हैं। इस समय जिले में खपत लगभग 460 मेगावाट के करीब पहुंच गई है। एक अप्रैल को खपत 380 मेगावाट थी। जबकि मई, जून व जुलाई की गर्मी बची है।
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विभागीय अधिकारी इसके पीछे गर्मी बढ़ने से एसी, कूलर व पंखे का अधिक उपयोग बता रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि जिस प्रकार से तापमान निरंतर बढ़ रहा है, उससे यह लग रहा है कि 15 अप्रैल तक जनपद में बिजली की खपत 500 मेगावाट पार कर जाएगी।
मुख्य अभियंता जोन प्रथम पीके सिंह व जोन द्वितीय विश्वदीप अंबरदार का कहना है कि गर्मी शुरू होने से पहले ही 70 प्रतिशत अनुरक्षण का कार्य करा लिया गया था, जो कार्य शेष बचे हैं, उसे भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। गर्मी में ट्रांसफार्मर, केबल व अन्य उपकरणों के खराब होने के मामले न सामने आएं, इसके लिए सभी उपखंड के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिया गया है।
