DElEd Training 2026-27 : डीएलएड की 87 हजार से ज्यादा सीटें रहेंगी खाली, क्या है इसका कारण?
DElEd Training 2026-27 डीएलएड प्रशिक्षण में 87 हजार से अधिक सीटें खाली रहने की आशंका है क्योंकि कुल सीटों के ...और पढ़ें

डीएलएल के लिए मनपसंद कॉलेज नहीं मिलने पर कई अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेते हैं।
HighLights
2,39,500 सीटों के सापेक्ष 1,52,202 अभ्यर्थियों किए हैं ऑनलाइन आवेदन
स्टेट रैंक जारी कर पीएनपी विकल्प लेकर आवंटित कर रहा डीएलएड संस्थान
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। DElEd Training 2026-27 बेसिक शिक्षक भर्ती की अनिवार्य अर्हता डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) प्रशिक्षण सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए सीटों के सापेक्ष करीब 87,298 आवेदन कम मिले हैं। प्रदेश में सभी प्रशिक्षण संस्थानों को मिलाकर 2,39,500 सीटों के सापेक्ष मिले 1,52,202 आवेदनों के क्रम में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है।
मनपसंद कॉलेज न मिलने से कई अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेते
इस तरह यदि आवेदन किए सभी अभ्यर्थी प्रवेश लेते हैं, तब भी कम मिले आवेदनों की सीटों का खाली रहना तय है, लेकिन आवेदन करने के बावजूद मनपसंद कॉलेज नहीं मिलने पर कई अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेते हैं। ऐसी स्थिति में रिक्त रह जाने वाली सीटों की संख्या इससे अधिक होगी।
2,39,500 सीटों पर होना है प्रवेश
उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) सचिव राजेंद्र प्रताप ने डीएलएड में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन आवेदन लिए। प्रवेश प्रक्रिया प्रदेश में संचालित सभी 66 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डॉयट), एक सीटीई कॉलेज वाराणसी और सभी तीन हजार से ज्यादा निजी डीएलएड संस्थानों को मिलाकर कुल 2,39,500 सीटों के लिए अपनाई जा रही है।
17 से 31 अगस्त तक काउंसलिंग कराकर प्रवेश
आवेदन कम मिलने पर पीएनपी सचिव ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से अनुमति लेकर तिथि बढ़ाकर आवेदन लिए। बढ़ी तिथि में करीब 40,000 आवेदन और मिले। प्रवेश के लिए पीएनपी सचिव ने प्रथम फेज में स्टेट रैंक एक से 20,000 तक के अभ्यर्थियों को 11 अगस्त से 13 अगस्त तक संस्थान का विकल्प चुनने का समय दिया था। यह अभ्यर्थी 14 अगस्त को आवंटित किए गए संस्थान में 17 से 31 अगस्त तक काउंसलिंग कराकर प्रवेश ले सकेंगे।
कॉलेजों में प्रशिक्षण 28 सितंबर से शुरू होगा
DElEd Training 2026-27 इसी तरह क्रमशः मेरिट क्रम में अभ्यर्थियों से विकल्प लेकर संस्थान आवंटित किए जाएंगे। पिछले आंकड़ों के अनुसार आवेदन करने के बाद मनपसंद कॉलेज नहीं मिलने पर कई अभ्यर्थी काउंसलिंग से पीछे हट गए थे। इस तरह इस वर्ष भी रिक्त रह जाने वाली सीटों की संख्या बढ़ सकती है। प्रवेश प्रक्रिया दो फेज में संपन्न कराई जाएगी। कॉलेजों में प्रशिक्षण 28 सितंबर से शुरू होना है।
