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कोडीनयुक्त कफ सीरप के सरगना की लोकेशन दिल्ली में मिली, गिरफ्तारी के बाद कई और नाम आएंगे सामने

By Rajendra Yadav Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 05 Sep 2026 04:03 PM (IST)

एसटीएफ ने तीन करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त कफ सीरप जब्त करने के बाद गिरोह के सरगना प्रियांशु गुप्ता की तलाश ...और पढ़ें

कोडीनयुक्त कफ सीरप के साथ पकड़े गए तस्कर। जागरण आर्काइव

कोडीनयुक्त कफ सीरप के साथ पकड़े गए तस्कर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. एसटीएफ की टीम रवाना, गोपनीय तरीके से लगाया जा रहा पता

  2. कई मोबाइल नंबरों की चल रही छानबीन, संदिग्धों की भी तलाश

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। तीन करोड़ रुपये की कोडीनयुक्त कफ सीरप की खेप पकड़ने के बाद स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसटीएफ) गैंग के सरगना की तलाश में जुट गई है। उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली है, जिसे लेकर एक टीम दिल्ली रवाना हो गई है। एसटीएफ को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कई और नाम सामने आएंगे।

तीन करोड़ की कोडीनयुक्त कफ सीरप बरामद की थी

एसटीएफ ने गुरुवार को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर घेराबंदी कर एक डीसीएम व कार को पकड़ा था। तलाशी लेने पर तीन करोड़ की 250 पेटी कोडीनयुक्त कफ सीरप बरामद की थी। अतर्रा बांदा निवासी धीरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार उर्फ लकी, रोहित पांडेय और गढ़मुक्तेश्वर हापुड़ के शेखर सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में प्रियांशु गुप्ता का नाम सामने आया।

प्रियांशु कहां का मूल निवासी है?

आरोपितों ने बताया कि प्रियांशु मूलरूप से कहां का रहने वाला है, वह नहीं जानते, लेकिन वही गैंग का सरगना है। उसी के साथ मिलकर दिल्ली के गणेश फार्मा से संपर्क कर बड़े स्तर पर कोडीनयुक्त कफ सीरप की सप्लाई की जाती थी। बांदा, अतर्रा, चित्रकूट, कानपुर देहात समेत मप्र के सीमावर्ती जनपदों में इसे खपाया जाता था।

गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई जा रही है

प्रियांशु गुप्ता का मोबाइल नंबर भी पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस को दिया। उस नंबर पर फोन लगाने पर वह स्विच आफ मिला। उसकी अंतिम लोकेशन निकाली गई तो वह दिल्ली में मिली। इसके बाद एक टीम को दिल्ली रवाना किया गया। सूत्रों की मानें तो आरोपितों ने दो-तीन और लोगों के मोबाइल नंबर एसटीएफ को दिए हैं, जो इस पूरे धंधे में शामिल हैं। इनके बारे में भी गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई जा रही है। 

पहले भी कई की हो चुकी है गिरफ्तारी

छिवकी रेलवे स्टेशन से राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने 25 जून को महाराष्ट्र के ठाणे निवासी मो. फाहद को गिरफ्तार किया था। उसके पास से दो सूटकेस मिला था, जिसमें 100-100 ग्राम वजन की कोडीनयुक्त कफ सिरप की 477 शीशी बरामद की गईं थीं, जिनका मूल्य करीब एक लाख रुपये था। पूछताछ में उसने बताया था कि वह मुंबई से कोडीनयुक्त कफ सिरप लाकर ऊंचे दाम पर प्रयागराज में बेचता था। इसके पहले फरवरी में कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में शाहगंज निवासी मो. सैफ को एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित देवघर तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया था। वह अपने भाई फैजुर रहमान के साथ मिलकर लंबे समय से कफ सिरप की तस्करी का नेटवर्क चला रहा था।

सैफ ने कानपुर में भी नेटवर्क फैला रखा था

प्रयागराज के साथ ही वाराणसी में फर्जी फर्मों के नाम पर कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई की जाती थी। फैजुर रहमान निवासी वाराणसी को पुलिस ने 23 जनवरी को गिरफ्तार किया था। सैफ ने कानपुर में भी नेटवर्क फैला रखा था। जनवरी में ही कोडीनयुक्त कफ सीरप की सप्लाई करने के मामले में पुलिस ने विनोद कुमार वर्मा, उसके बेटे संस्कार वर्मा और आशुतोष पटेल उर्फ आशु को गिरफ्तार किया था। आशुतोष पटेल मूलरूप से स्टेशन रोड हंडिया का रहने वाला है, जबकि जब उसकी गिरफ्तारी हुई थी तो वह वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र के रामपुर में रह रहा था। जबकि विनोद और उसका बेटा अतरसुइया क्षेत्र के बलुआघाट मुहल्ला में रहते हैं।

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