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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की 60 हजार रुपये धनराशि दूसरों के खातों में भेज दी, लाभार्थी परेशान

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 16 Aug 2026 04:55 PM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में जाने वाली 60 हजार रुपये की धनराशि दूसरों के खातों ...और पढ़ें

प्रयागराज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की रकम में फर्जीवाड़ा हुआ।

प्रयागराज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की रकम में फर्जीवाड़ा हुआ।

HighLights

  1. एक लाभार्थी को पैसा मिल गया, दूसरे को अभी आधी-अधूरी मिली है रकम 

  2. प्रयागराज के शृंगवेरपुरधाम ब्लाक क्षेत्र का मामला, 22 जून को हुआ था विवाह

  3. जिला समाज कल्याण अधिकारी बोले कि फार्म भरने में आवेदक ने की गलती

संसू, शृंगवेरपुरधाम (प्रयागराज)। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वधू के खाते में जाने वाली रकम दूसरों के बैंक खाते में भेज दी गई। मामले की शिकायत हुई तो ब्लाक स्तर के अधिकारी-कर्मचारी हरकत में आए। हालांकि एक लाभार्थी को पैसा मिल गया है, लेकिन दूसरे को अभी आधी-अधूरी रकम मिली है। इन मामलों ने योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यही नहीं अधिकारी पूरी गलती लाभार्थियों के सिर पर थोप रहे हैं।

ब्लाक शृंगवेरपुर क्षेत्र के नसीरपुर दरगाही गांव की निवासी कोमल गुप्ता पत्नी मोहित कुमार ने सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण) को शिकायत पत्र दिया। आरोप लगाया कि 22 जून को सोरांव में हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शादी हुई थी। इसमें सरकार से 60 हजार रुपये उसके खाते में आने थे। यह धनराशि उसके बैंक खाते की जगह दूसरे के खाते में भेज दिया गया है।

इसी तरह उल्दा गांव निवासी मीना देवी ने खंड विकास अधिकारी को शिकायती दिया। आरोप लगाया कि उनकी बेटी शिवानी का विवाह 22 जून को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत संपन्न हुआ था, लेकिन सरकार से आर्थिक सहायता नहीं दी गई। हालांकि, शिकायत के बाद मीना देवी को योजना के पैसे बाद में लौटा दिए गए।

जबकि कोमल के पति मोहित ने बताया कि शिकायत के बाद उन्हें अभी सिर्फ 23 हजार रुपये मिले हैं। शेष पैसे अब तक नहीं मिले। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि योजना में इस तरह की मनमानियां खूब रहीं हैं। जानबूझ कर दूसरे के खाते में पैसे भेजे जाते हैं। फिर कटौती करके रुपये वापस किए जाते हैं।

इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी रामशंकर पटेल का कहना है कि योजना में गड़बड़ी जैसी कोई बात नहीं है। फार्म भरते समय आवेदक खाता संख्या गलत भर देते हैं। इससे दिक्कत आती है। एक मामला संज्ञान में आया था, जिसका निस्तारण करा दिया गया है।

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