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अन्नपूर्णा भारती का निष्कासन रद, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने महामंडलेश्वर की पदवी दी; अखाड़ा परिषद अध्यक्ष का वीडियो जारी

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 14 Jul 2026 06:04 PM (IST)

पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने अन्नपूर्णा भारती को महामंडलेश्वर के पद पर बहाल कर दिया है, उनके खिलाफ लगे हत्या ...और पढ़ें

HighLights

  1. हत्या का आरोप लगने पर पांच अक्टूबर 2025 को हुआ था निष्कासन

  2. अन्नपूर्णा भारती पर लगाया गया था गलत आरोप : श्रीमहंत रवींद्र पुरी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। आपराधिक कृत्य में लिप्त होने के आराेप में सजा काटने वालीं अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय की पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में वापसी हो गई है। अखाड़े के सचिव व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने पंचों की सहमति से उन्हें महामंडलेश्वर की पदवी पुन: प्रदान कर दी। उन्होंने वीडियो संदेश जारी करके कहा, अन्नपूर्णा भारती के खिलाफ गलत आराेप लगा था। कोर्ट से उन्हें जमानत मिली है। इसकी वजह से अखाड़े ने उनका निष्कासन निरस्त कर दिया है।

अन्नपूर्णा पर मित्र की हत्या कराने का लगा था आरोप

मूलरूप से अलीगढ़ की निवासी अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय के ऊपर अपने व्यवसायी मित्र अभिषेक गुप्ता की हत्या कराने का आरोप लगा था। इसके लिए उन्हें जेल जाना पड़ा। सजा मिलने पर पांच अक्टूबर 2025 को श्री निरंजनी अखाड़ा ने महामंडलेश्वर की पदवी लेकर उन्हें निष्कासित कर दिया। इधर, अन्नपूर्णा को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद श्री निरंजनी अखाड़ा में उनकी वापसी हो गई।

खिलाफ हत्या कराने का साक्ष्य नहीं मिला : रवींद्र पुरी

श्रीमहंत रवींद्र पुरी का कहना है कि अन्नपूर्णा भारती के ऊपर हत्या कराने का गलत आरोप लगा था, लेकिन तब की परिस्थिति को देखते हुए उन्हें अखाड़े से निष्कासित करके जांच बैठाई गई थी। अखाड़े की आंतरिक जांच में उनके खिलाफ हत्या कराने का साक्ष्य नहीं मिला। न ही उनका अपराधियों से संबंध साबित हुआ है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट से मिली जमानत 

उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी पाया कि हत्या के दो आरोपी गिरफ्तार हैं। न्यायालय को अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय की हत्या में कोई भूमिका नहीं दिखाई दी, जिसकी वजह से उन्हें जमानत दे दिया। इसे देखते हुए अखाड़े के पंचों की सहमति से उनकी वापसी करायी गई है। वह पहले की तरह महामंडलेश्वर के रूप में काम करेंगी। कुंभ-महाकुंभ में उनका शिविर लगवाया जाएगा।

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