इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में भूख हड़ताल कर रहे दो छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ी, पुलिस ने जबरन भेजा अस्पताल
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे दो नेताओं को तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने अस्पताल भेजा, लेकिन आंदोलन अभी भी जारी है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी गेट पर अनशनकारी छात्र की तबीयत बिगड़ी
HighLights
दो छात्र नेताओं को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल भेजा गया।
पुलिस कार्रवाई के बावजूद तीन अन्य छात्र भूख हड़ताल पर।
स्थायी कुलानुशासक नियुक्ति सहित अन्य मांगों पर अड़े छात्र।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं आयुष महात्मा और आशुतोष मौर्या को स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन ने भूख हड़ताल स्थल से उठाकर अस्पताल भेज दिया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद आंदोलन थमा नहीं है। तीन अन्य छात्र अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं और मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। छात्र नेताओं के अस्पताल भेजे जाने के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों में नाराजगी देखी गई।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। छात्रों का दावा है कि लगातार बड़ी संख्या में विद्यार्थी आंदोलन से जुड़ रहे हैं और उनकी मांगों को समर्थन दे रहे हैं।
अस्पताल भेजे गए छात्र नेता आयुष महात्मा और आशुतोष मौर्या ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें जबरन भूख हड़ताल स्थल से हटाया है, लेकिन इससे उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें अभी भी कायम हैं और उनके साथी आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्थायी कुलानुशासक की नियुक्ति समेत छात्रों की सभी मांगों पर निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और ठोस निर्णय के माध्यम से करना चाहिए। केवल आंदोलन स्थल से छात्रों को हटाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
