विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कई वर्ष बाद पटरी पर लौटेगा सत्र, जुलाई में शुरू होंगे यूजी-पीजी के दाखिले

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 28 Jun 2026 05:30 PM (IST)

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कई वर्षों बाद शैक्षणिक सत्र पटरी पर लौटने की उम्मीद है, जुलाई से यूजी-पीजी के दाखिले शुरू ...और पढ़ें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की फाइल फोटो।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की फाइल फोटो।

HighLights

  1. पीजीएटी-2 का परिणाम जारी, पीजीएटी-1 और विधि का रिजल्ट इसी माह

  2. परास्नातक पाठ्यक्रमों में 20 जुलाई से पहले प्रवेश शुरू होने की उम्मीद

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। लगातार कई वर्षों से प्रवेश प्रक्रिया में देरी, परीक्षाओं के बदले कार्यक्रम और देर से शुरू होने वाली कक्षाओं की समस्या से जूझ रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लिए इस बार राहत के संकेत दिखाई दे रहे हैं। परास्नातक प्रवेश परीक्षा (पीजीएटी) के तहत पीजीएटी-2 का परिणाम जारी होने और पीजीएटी-1 व विधि पाठ्यक्रमों के परिणाम जल्द घोषित होने की संभावना से विश्वविद्यालय परास्नातक की प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने की कोशिश में जुटा है।

सीयूईटी का परिणाम भी समय से जारी होने के कारण स्नातक पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया भी अगस्त तक पूरी होने की उम्मीद है। पिछले वर्ष 12 अक्टूबर तक विश्वविद्यालय कटआफ जारी करता रहा था।महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इस बार स्नातक और परास्नातक दोनों स्तरों पर प्रवेश प्रक्रिया लगभग साथ-साथ आगे बढ़ेगी। सीयूईटी-यूजी के परिणाम आने के बाद जुलाई के पहले सप्ताह में पंजीकरण और जुलाई के अंतिम सप्ताह से दाखिले शुरू होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो अगस्त तक अधिकांश प्रवेश पूरे हो सकते हैं और कक्षाएं भी समय से शुरू हो जाएंगी।

पिछले वर्ष की तस्वीर बिल्कुल अलग थी। बीए में प्रवेश अक्टूबर तक चलते रहे, जबकि विज्ञान, वाणिज्य और विधि संकायों में भी सितंबर तक दाखिले जारी रहे। इसका सीधा असर पढ़ाई पर पड़ा। नए छात्रों को पूरा शैक्षणिक वातावरण मिलने में देर हुई और शिक्षकों को भी पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ा।

इस बार विश्वविद्यालय के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल प्रवेश शुरू करने के साथ उन्हें निर्धारित समय में पूरा करना है। यदि मेरिट सूची, दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करने की प्रक्रिया बिना किसी तकनीकी बाधा के पूरी होती है, तो विश्वविद्यालय वर्षों बाद अपने अकादमिक कैलेंडर को सामान्य स्थिति में ला सकता है।

विश्वविद्यालय अब राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश प्रणाली सीयूईटी के अनुरूप अपनी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने का प्रयास कर रहा है। इससे छात्रों को भी स्पष्ट समय-सारिणी मिलेगी और दूसरे विश्वविद्यालयों की तरह प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो सकेगी। हालांकि इवि प्रशासन का कहना है कि कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

सीयूईटी का अंतिम परिणाम का डाटा समय पर मिलना, पंजीकरण प्रक्रिया, विभिन्न पाठ्यक्रमों का कटआफ, आरक्षण और प्रमाणपत्रों का सत्यापन तथा रिक्त सीटों पर शीघ्र काउंसिलिंग जैसे चरण तय करेंगे कि विश्वविद्यालय वास्तव में अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर पाता है या नहीं।

इवि प्रशासन के अनुसार यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता है तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लिए वर्षों बाद एक नियमित और संतुलित शैक्षणिक सत्र की वापसी भी होगी। इसका लाभ सीधे हजारों छात्रों को मिलेगा, जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप और उच्च शिक्षा की तैयारियों के लिए पूरा शैक्षणिक समय उपलब्ध हो सकेगा।

यह भी पढ़ें- प्रयागराज के 218 बेसिक स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं, भीषण गर्मी में बच्चे परेशान; आदेश-निर्देश बेअसर

यह भी पढ़ें- प्रयागराज में कोचिंगों के साथ होटल, रेस्टोरेंट और अस्पतालों पर भी सख्ती, मानचित्रों की जांच करेगा पीडीए

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।