विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिना वजह गिरफ्तारी पर भड़का हाईकोर्ट, फतेहपुर DSP समेत 4 पुलिसकर्मियों को किया तलब

Published: Tue, 15 Sep 2026 10:46 PM (IST)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात साल से कम सजा वाले अपराधों में गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अर्नेश कुमार दिशानिर्देशों ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने अर्नेश कुमार दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है।

  2. फतेहपुर के डीएसपी समेत चार पुलिसकर्मियों को कोर्ट ने तलब किया।

  3. सात साल से कम सजा में गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात साल से कम सजा वाले अपराध में सुप्रीम कोर्ट के अर्नेश कुमार मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए चार पुलिस कर्मियों को बुधवार 16 सितंबर को उपस्थित होने का आदेश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति संदीप जैन की खंडपीठ ने अंकित सिंह की याचिका पर दिया है। मामला फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पहुर निवासी याची की गिरफ्तारी से संबंधित है। उसके अधिवक्ता अमित सिंह परिहार ने दलील दी कि पुलिस ने अर्नेश कुमार मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना गिरफ्तारी की है।

हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए नोटिस जारी किया था। आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद अधिकारी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने फतेहपुर के डीएसपी सुशील कुमार दुबे, थाना कल्याणपुर के एसएचओ रमाशंकर सरोज, एसआई चंद्रपाल और चौकी प्रभारी चौडगरा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन अपराधों में अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, उनमें आरोपित की गिरफ्तारी स्वतः या यांत्रिक तरीके से नहीं की जा सकती। गिरफ्तारी की आवश्यकता और उसके औचित्य का निर्धारण कानून में तय मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- दहेज हत्या के 15 साल पुराने केस में जेल में बंद आरोपित को इलाहाबाद HC से जमानत मिली, पहली जमानत अर्जी खारिज हुई थी