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पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान जिंदाबाद लिखने वाले को जमानत

By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 27 Feb 2026 08:04 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैजान नामक व्यक्ति को सशर्त जमानत दी। अपीलार्थी के वकील का तर्क है कि भले ही ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट की फाइल फोटो।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की फाइल फोटो। 

HighLights

  1. कोर्ट ने कहा -देश व समुदाय के खिलाफ भविष्य में कोई पोस्ट न करें अपीलार्थी

  2. थाना जलेसर जिला एटा में दर्ज है, अपीलार्थी तीन मई 2025 से जेल में बंद है

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैजान नामक उस व्यक्ति को सशर्त जमानत दी है जिसने पहलगाम आतंकी हमले के बाद इंस्टाग्राम पर सपोर्ट में पोस्ट किया था। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने यह शर्त भी लगाई है कि अपीलार्थी आवेदक इंटरनेट (सोशल) मीडिया पर ऐसी कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं करेगा जो देश की प्रतिष्ठा या किसी समुदाय के विरुद्ध हो।

प्रकरण बीएनएस की धारा 196(1), 152, 318(4) के तहत थाना जलेसर जिला एटा में दर्ज है। अपीलार्थी तीन मई 2025 से जेल में बंद है। अभियोजन पक्ष के अनुसार फैजान ने यह पोस्ट हमले के तुरंत बाद की। अपीलार्थी के वकील का तर्क है कि भले ही पोस्ट आपत्तिजनक हो, लेकिन यह बीएनएस की धारा 152 के अंतर्गत अपराध नहीं है।

अधिकतम यह मामला धारा 196 के अंतर्गत आ सकता है, जो मजिस्ट्रेट द्वारा सुनवाई योग्य है और इसमें तीन से पांच वर्ष तक सजा हो सकती है। फैजान के वकील ने इस संदर्भ में कोर्ट के पूर्व निर्णय रियाज बनाम राज्य उत्तर प्रदेश, का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में प्रारंभिक जांच आवश्यक है।

कोर्ट ने बड़ी संख्या में लंबित आपराधिक मामलों तथा जेलों में भीड़ के दृष्टिगत जमानत मंजूर करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी बनाम गुजरात राज्य 2025 के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का भी उल्लेख किया है। जमानत के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं। कहा है कि इसका उल्लंघन जमानत रद करने का आधार बनेगा।

ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया गया है कि वह जमानत आदेश को संबंधित जेल में जल्दी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए बेल आर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (बीओएमएस) के माध्यम से भिजवाए।