दिव्यांग यात्रा भत्ता मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज किया बीएसए का आदेश; शिक्षकों ने दायर की थी याचिका
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के शिक्षकों से दिव्यांग यात्रा भत्ता वसूली का बीएसए आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएसए का वसूली आदेश रद्द किया।
दिव्यांग यात्रा भत्ता वसूली मामला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को वापस।
दो महीने में सभी पक्षों को सुनकर नया आदेश पारित करने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के शिक्षक उमाकांत प्रसाद शर्मा और तीन अन्य से दिव्यांग यात्रा भत्ता वसूली आदेश रद कर दिया है। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने वसूली आदेश रद करते हुए मामला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को वापस भेज दिया है ताकि सभी पक्षों को सुनवाई का मौका देकर नियमानुसार कारण सहित नया आदेश दो महीने के भीतर पारित किया जाए।
बीएसए के 25 अप्रैल 2026 को पारित आदेश से जून 2022 से दिव्यांग यात्रा भत्ते (हैंडीकैप्ड ट्रैवल अलाउंस) की वसूली का निर्देश दिया गया था। याचीगण का कहना था कि उनसे भत्ते की वसूली, सरकारी आदेश 22 अगस्त 2019 पर विचार किए बिना की जा रही है, जिसके तहत दिव्यांग यात्रा भत्ते की राशि बढ़ाई गई थी।
याचीगण के वकील ने लखनऊ बेंच के 22 दिसंबर 2023 के गणेश शंकर मिश्रा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य फैसले का हवाला दिया, जिसमें इसी सरकारी आदेश के आधार पर भत्ता मंजूर किया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि वसूली का आदेश मनमाना और कानूनन गलत है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के वकील इस तथ्य का खंडन नहीं कर सके।
