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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए खत्म होगा थाने का चक्कर, पुलिस को ऑनलाइन मिलेगी; इलाहाबाद HC का महत्वपूर्ण निर्णय

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 25 Oct 2026 09:06 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर अब पुलिस को मेडिको-लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन मिलेंगी। एनआईसी ने मेडलीप आर पोर्टल ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

HighLights

  1. पुलिस को ऑनलाइन सीसीटीएनएस पर मिलेगी मेडिको-लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट

  2. प्रयागराज की जैरुन्निशा की अर्जी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह आदेश पारित किया

विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्ती के बाद मेडिको-लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को ऑनलाइन सीसीटीएनएस पर ही मिल जाएगी। एनआईसी ने पूरी मैकेनिज्म सेटअप कर मेडलीप आर पोर्टल को सीसीटीएनएस से इंटीग्रेट कर दिया है। शीघ्र ही पुलिस पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करेगी।

प्रयागराज की जैरुन्निशा की अर्जी पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने यह आदेश पारित किया। यह जमानत अर्जी पहले ही 13 अक्टूबर 2026 को निस्तारित हो चुकी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे एमईडीएलईएपीआर और सीसीटीएनएस के इंटीग्रेशन के लिए पेंडिंग रखा था।

न्यायालय के बीते 13.अक्टूबर के आदेश के अनुपालन में शशिकांत शर्मा डिप्टी डायरेक्टर जनरल, एनआइसी ई दिल्ली, भगवान एस. श्रीवास्तव, एडीजी (टेक्निकल), यूपी पुलिस लखनऊ, वी. हेकाली झिमोमी, प्रमुख सचिव मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर यूपी, राहुल जैन, हेड आफ एमईडीएलईएपीआर टीम, डा. अरुण कुमार तिवारी, सीएमओ प्रयागराज और डा. राजीव रंजन, इंचार्ज, पोस्टमार्टम हाउस एसआरएन हास्पिटल प्रयागराज कोर्ट में मौजूद रहे।

शशिकांत शर्मा और राहुल जैन ने बताया-एनआइसी ने एमईडीएलईएपीआर को सीसीटीएनएस के साथ इंटीग्रेट करने का पूरा काम कर दिया है। अब पुलिस विभाग एफआईआर, केस क्राइम नंबर लिंक्ड रिक्वेस्ट भेजेगा तो सभी मेडिको-लीगल रिपोर्ट, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी है, अपलोड हो जाएगी।

डॉ.. राजीव रंजन ने बताया प्रयागराज में 15 मई 2025 से 22.अक्टूबर 2026 तक 3707 पोस्टमार्टम हुए, लेकिन पुलिस ने सिर्फ दो केस में ही रिक्वेस्ट भेजी। कारण पूछने पर एडीजी टेक्निकल ने कहा-वह सभी पुलिस अधिकारियों को सेंसिटाइज करेंगे कि संबंधित अस्पताल/मोर्चरी को एफआईआर लिंक्ड रिक्वेस्ट भेजें। साथ ही बताया कि कुछ टेक्निकल मुद्दे हैं, जिससे पुलिस सही से रिक्वेस्ट नहीं भेज पा रहे हैं।

कोर्ट ने निर्देश दिया, आगामी चार नवंबर की सुबह 11 बजे प्रिंसिपल सेक्रेटरी मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, यूपी, लखनऊ के आफिस में तीनों अधिकारी बैठक कर प्रभावी इम्प्लीमेंटेशन के लिए उपाय तय करें। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि तीनों अधिकारी समय पर मेडिको-लीगल रिपोर्ट पोर्टल पर भेजने, इंटीग्रेशन और अपने-अपने विभाग के अधिकारियों को सेंसिटाइज करने की समस्या सुलझा लेंगे। इसके साथ यह केस निस्तारित कर दिया गया।

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