नोएडा श्रमिक आंदोलन में हिंसा पर दर्ज केस में पत्रकार सत्यम वर्मा को इलाहाबाद HC से मिली जमानत, जेल से बाहर क्यों नहीं आएंगे?
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नोएडा श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले में पत्रकार सत्यम वर्मा को जमानत दे दी है। हालांकि, 11 ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।
HighLights
लखनऊ निवासी पत्रकार सत्यम वर्मा को पैरिटी (समानता के अधिकार) पर जमानत दी गई है
जमानत अर्जी स्वीकार किए जाने के बावजूद जेल से बाहर नहीं आएंगे, 11 एफआईआर दर्ज है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नोएडा मजदूर आंदोलन में हिंसा से जुड़े एक केस में लखनऊ निवासी पत्रकार सत्यम वर्मा को पैरिटी ( समानता के अधिकार) पर जमानत दी है। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने कहा कि इसी केस में सह-अभियुक्त शिव कुमार को 23 जून को जमानत मिल चुकी है, जबकि एफआईआर भीड़ के खिलाफ है।
13 मई से एनएसए लगा है
वैसे जमानत अर्जी स्वीकार किए जाने के बावजूद सत्यम वर्मा जेल से बाहर नहीं आएंगे। उन पर कुल 11 एफआईआर दर्ज है। साथ ही 13 मई से एनएसए लगा है। उन्हें 17 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने 10 अप्रैल से चल रहे वेतन वृद्धि आंदोलन में हिंसा भड़काई।
छात्रा आकृति चौधरी की एनएसए में निरुद्धि रद हो चुकी है
इसी आंदोलन में दिल्ली विश्वविद्यालय की स्नातक छात्रा आकृति चौधरी की एनएसए में निरुद्धि न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ रद कर चुकी है। हाई कोर्ट ने आकृति मामले में गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी व अन्य पुलिस अफसरों पर पांच लाख रुपये लाख हर्जाना लगाया है। कहा है कि यह राशि मुआवजा के रूप में आकृति को दी जाएगी। जिलाधिकारी ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
