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पूर्व मंत्री की मौत पर मुआवजा बढ़ाने की मांग खारिज, इलाहाबाद हाई कोर्ट बोला- पद से तय नहीं होती आय

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:16 AM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि मोटर दुर्घटना में मृत व्यक्ति की आय का निर्धारण केवल उसके पेशे या ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट। फाइल

इलाहाबाद हाई कोर्ट। फाइल

HighLights

  1. मोटर दुर्घटना में आय निर्धारण साक्ष्यों पर आधारित होगा।

  2. पूर्व मंत्री नंदलाल पटेल की मुआवजा अपील हाई कोर्ट ने खारिज की।

  3. आयकर रिटर्न के आधार पर ट्रिब्यूनल ने मुआवजा तय किया था।

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि मोटर दुर्घटना में मृत व्यक्ति की आय का निर्धारण सिर्फ उसके पेशे, सामाजिक रुतबे या पद के आधार पर नहीं किया जा सकता। आय का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर ही होगा, अनुमान से नहीं। न्यायमूर्ति अनिल कुमार (दशम) की एकलपीठ ने इस टिप्पणी के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री और अधिवक्ता नंदलाल सिंह पटेल की सड़क हादसे में हुई मौत पर मुआवजा बढ़ाने संबंधी अपील खारिज कर दी है।

पूर्व मंत्री नंदलाल सिंह पटेल की पत्नी कमलादेवी व अन्य की ओर से दायर अपील में एमएसीटी कोर्ट के 31 अक्टूबर 2009 के फैसले को चुनौती दी गई थी। हादसा 15 मई 1999 को हुआ था। रात करीब दो बजे प्रयागराज-रायबरेली रोड पर नवाबगंज क्षेत्र में ट्रक ने टाटा सूमो में टक्कर मार दी थी।

सूमो में सवार पूर्व मंत्री की मौके पर ही मौत हो गई थी। नंदलाल सिंह पटेल करछना विधानसभा क्षेत्र से 1993 में निवार्चित होने के बाद प्रदेश की सपा-बसपा गठबंधन सरकार में परिवहन मंत्री बनाए गए थे।

ट्रिब्यूनल ने उनकी उम्र 48 साल मान आयकर रिटर्न के आधार पर सालाना आय 90 हजार रुपये मानी थी। एक तिहाई व्यक्तिगत खर्च काटकर और 13 का गुणांक लगाकर आश्रितों के नुकसान को 78 हजार रुपये के हिसाब से जोड़ा।

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अंतिम संस्कार के लिए दो हजार और संपत्ति के नुकसान के लिए 2500 रुपये जोड़कर कुल सात लाख 84 हजार 500 रुपये का मुआवजा तय किया था। अपीलार्थियों की ओर से कहा गया कि रिटर्न 1.60 लाख रुपये था, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया।

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