शादी का वादा कर मुकरा आरोपित, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रद की जमानत, एसएसपी को लगाई फटकार
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शादी का वादा कर मुकरने वाले आरोपित की जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने मेरठ ...और पढ़ें
-1792879138140_m.webp)
HighLights
आरोपित की जमानत शादी का वादा तोड़ने पर रद्द।
एसएसपी मेरठ को वारंट निष्पादन में लापरवाही पर फटकार।
सीजेएम मेरठ के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत के लिए शादी का वादा करने के बाद उससे मुकरने वाले आरोपित की जमानत रद कर दी है। मानसी की ओर से दायर जमानत निरस्तीकरण अर्जी स्वीकार करते हुए कोर्ट ने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को निर्देश दिया कि आरोपित को तत्काल हिरासत में लेकर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कराएं।
शनिवार को न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की कोर्ट के समक्ष पेश हुए एसएसपी ने बताया कि वह 28 सितंबर से दो अक्टूबर तक अवकाश पर थे और उनके अधीनस्थों से यह चूक हुई। कोर्ट ने इसे मातहतों की लापरवाही तो माना, लेकिन कहा कि वारंट निष्पादन प्राधिकारी स्वयं एसएसपी थे। इसलिए आरोपित को पेश कराना उनकी जिम्मेदारी थी।
आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
कोर्ट ने कोई प्रतिकूल आदेश करने की बजाय उन्हें शाम चार बजे तक न्यायालय में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया और भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी। कोर्ट ने इस बात पर भी ऐतराज जताया कि जब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को यह संज्ञान में था कि हाई कोर्ट ने आरोपित को सीधे पेश करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया है, तब उन्होंने आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इसे घोर लापरवाही व अनुशासनहीनता करार देते हुए निर्देश दिया कि आदेश की प्रति प्रशासनिक न्यायाधीश के समक्ष रखी जाए ताकि सीजेएम के विरुद्ध प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके। मामला मेरठ के सरधना थाने में बीएनएस व एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। आरोपित को हाई कोर्ट ने 18 मार्च को आपराधिक अपील में शादी का वादा करने पर जमानत दी थी।
पेश न होने पर हाई कोर्ट ने 28 सितंबर को आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। वारंट तामील होने के बाद पुलिस ने आरोपित को हाई कोर्ट लाने की बजाय सीजेएम मेरठ की अदालत में पेश कर दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
यह भी पढ़ें- यूपी के सहायता प्राप्त स्कूलों में 17735 पदों पर होंगी भर्तियां, TET की आयु सीमा को लेकर आया बड़ा अपडेट
कोर्ट ने एसएसपी मेरठ को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा था। सुनवाई के दौरान मानसी और आरोपित दोनों कोर्ट में थे। आरोपित ने शादी करने से स्पष्ट इन्कार कर दिया।
