प्रतापगढ़ : नगर स्थित प्रताप बहादुर अस्पताल में हड्डी विभाग में अंदर से मरीज देखने पर सुरक्षा गार्ड ने रोका। इस पर चिकित्सक भड़क गए। जमकर हंगामा हुआ।

मामला बुधवार को दिन में करीब एक बजे का है। हड्डी विभाग में एक मरीज को चिकित्सक ने कक्ष के अंदा बुलाकर देखना शुरू किया। इस पर कुछ अन्य मरीजों को आपत्ति होने लगी। इस पर वहां तैनात सुरक्षा गार्ड ने चिकित्सक से कहा कि मरीज को बाहर से देखिए, अंदर बुलाने पर अस्पताल प्रशासन ने रोक लगाई है। इस पर चिकित्सक ने विरोध किया और कहा कि तुम्हारा काम सुरक्षा करना है, सुरक्षा करो। मुझे मत बताओ कि क्या करना है। यह हम तय करेंगे कि मरीज को कहां व कैसे देखना है। अब इस ओपीडी के पास नजर मत आना। यह सुनकर गार्ड भी आपे से बाहर हो गया। देख लेने की धमकी दोनों ओर से दी जाने लगी। शोर मचने पर सारे गार्ड एकजुट हो गए। पब्लिक भी जुट गई। इसके बाद गार्डों के प्रभारी भी आए और डॉक्टर से उनकी भी बहस हुई। मामले की सूचना प्राचार्य को दी गई है। करीब आधे घंटे बाद प्राचार्य डा आर्य देश दीपक आए। दोनों लोगों की बातें सुनी। प्राचार्य ने कहा कि डॉक्टरों के पास बाहरी लोग ना दिखें, लेकिन मरीज को अंदर से देखने से नहीं रोका गया है। यह पाबंदी कोरोना काल में थी कि चिकित्सक दूर से ही मरीज को देख रहे थे। अब ऐसा नहीं है। इसके बाद गलतफहमी दूर हो सकी। इस बारे में प्राचार्य ने बताया कि दोनों लोगों को गलतफहमी हो गई थी। गार्ड ने कक्ष में भीड़ लगाने से रोका था। चिकित्सक ने समझा कि उनको रोका जा रहा है। दोनों को समझा दिया गया है कि अपना कार्य करें। अब कोई विवाद नहीं है।

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जिला अस्पताल बना दलालों का अड्डा

जिला अस्पताल दलालों का अड्डा बना है। यही दलाल मरीजों की लाइन में व्यवधान पैदा करने से लेकर डाक्टरों के चैंबर तक अपनी दखल रखते हैं। वहां तैनात सुरक्षा गार्ड पूर्व सैनिक हैं। करीब तीन महीने पहले तैनाती हुई है और अब वे दलालों को पहचान चुके हैं। एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि मरीजों के चक्कर में दलालों की पूरी फौज अस्पताल में जमा रहती है। प्रिसिपल साहब की तरफ से निर्देश है कि अस्पताल में अवांछित तत्व किसी भी सूरत में दिखाई ना दें। इसी वजह से हम लोग बाहरी अराजक तत्वों को भगाने का प्रयास करते हैं, जिसका विरोध अस्पताल के ही कुछ कर्मचारी और डाक्टर करते हैं। दलालों के इस कॉकस के कारण आए दिन अस्पताल में हंगामा होता रहता है। डाक्टर और अस्पताल के कर्मचारी नहीं चाहते कि हम दलालों को यहां से भगाएं।

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Edited By: Jagran