प्रतापगढ़ : छह दिन पहले अगवा किए गए अधिवक्ता अरुण मिश्रा का सुराग न लगने पर अधिवक्ताओं ने सोमवार को एसपी दफ्तर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसपी से अपनी पीड़ा कहते हुए अधिवक्ता के पिता फफककर रो पड़े। उन्होंने भूमाफिया द्वारा बेटे की हत्या किए जाने की आशंका जताई। एसपी ने उन्हें जल्द से जल्द अरुण मिश्रा को बरामद करने का आश्वासन दिया।

नगर कोतवाली क्षेत्र के औवार गांव निवासी अधिवक्ता अरुण मिश्रा पुत्र लल्लन प्रसाद मिश्रा कचहरी में प्रैक्टिस करते हैं। वह 30 अक्टूबर को कचहरी से अपने रिश्तेदार शिवमूर्ति उपाध्याय निवासी दहिलामऊ के घर गए थे। लल्लन मिश्रा का कहना है कि उनके बेटे अरुण शाम सात बजे दहिलामऊ के आशीष सिंह पुत्र भरत सिंह शिवमूर्ति के घर पहुंचे और प्रयागराज चलने की बात कहकर बाइक पर बैठाकर अरुण को लेकर चले गए। रास्ते में बुढि़या देवी मंदिर के पास आशीष के बड़े भाई विनोद मिले, उन्हें भी आशीष ने बाइक पर बैठा लिया। लल्लन मिश्र के अनुसार रात करीब साढ़े नौ बजे आशीष लौटकर शिवमूर्ति के घर आए और कहने लगे कि उनका मोबाइल अरुण मिश्र के पास छूट गया है। फिर शिवमूर्ति के फोन से आशीष ने अरुण से बात की और पूछा कि कागज मिल गया कि नहीं। उधर से हां में जवाब आया। इसके बाद आशीष वहां से चले गए, लेकिन तब से उनके बेटे अरुण गायब है। इस मामले में लल्लन की तहरीर पर पुलिस ने दो नवंबर को शिवमूर्ति उपाध्याय, आशीष सिंह, विनोद सिंह पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है।

उधर, मुकदमा दर्ज होने के दो दिन बाद भी अरुण मिश्रा का कोई सुराग नहीं लगने पर अधिवक्ताओं ने जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लीलाधर दुबे, परशुराम सेना के अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला, कांग्रेस नेता नीरज त्रिपाठी की अगुवाई में सोमवार को दोपहर एसपी दफ्तर में प्रदर्शन किया। उनके साथ अरुण मिश्र के पिता लल्लन मिश्र भी थे। लल्लन मिश्रा के साथ अधिवक्ताओं ने एसपी से मुलाकात की। एसपी से अपनी पीड़ा कहते हुए लल्लन मिश्रा बोले-आज छह दिन बीत गए हैं। उन्हें आशंका है कि आशीष सिंह व विनोद सिंह ने भूमाफियाओं से मिलकर उनके बेटे की हत्या करा दी है, इसी वजह से कुछ पता नहीं चल पा रहा है। एसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सर्विलांस और कॉल डिटेल से ट्रेस किया जा रहा है। विवेचक के साथ स्वाट टीम व सर्विलांस टीम प्रभारी को भी लगाया गया है।

उधर, कटरा रोड स्थित कार्यालय पर हुई परशुराम सेना की बैठक में अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला ने कहा कि जमीन के विवाद में कुछ अराजक तत्वों ने अधिवक्ता अरुण मिश्रा को अगवा कर लिया है। इस मामले में डीएम, एसपी से मिलकर सोमवार को न्याय की गुहार लगाई गई। बैठक में विनोद त्रिपाठी, मनीष मिश्रा, अशोक मिश्रा, रवीश मिश्रा, संतोष पांडेय, मयंक उपाध्याय, अब्दुल कलाम, पंकज पांडेय, आशीष उपाध्याय आदि रहे।

Posted By: Jagran

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