प्रतापगढ़ : दीपावली के मौके पर घर में आकर दीप जलाने की कई लोगों की प्लानिग फेल हो सकती है। इसकी वजह यह है कि महानगरों से आने वाली प्रमुख रेलगाड़ियों में सारी सीटें फुल हो गई हैं।

जिले के हजारों लोग मुंबई, दिल्ली, सूरत, लुधियाना, गुड़गांव जैसे स्थानों पर रहते हैं। रोजी-रोटी और नौकरी के सिलसिले में गुजर बसर करते हैं। दीपावली पर अक्सर लोग अपने गांव आकर परिवार के साथ दीपोत्सव मनाना चाहते हैं। सीट की कमी से उनका ट्रेन से प्रतापगढ़ आना बहुत कठिन होगा। जिन लोगों ने अक्टूबर के पहले यानि सितंबर में रिजर्वेशन करा लिया था, उनको तो उस सीट मिल भी गई, लेकिन जो अक्टूबर में सजग हुए हैं उनको वेटिग टिकट भी नहीं मिल रहा है। हालात यह हैं कि प्रतापगढ़ के लिए मुंबई से आने वाली उद्योग नगरी और साकेत में भी टिकट नहीं हैं। पूरे नवंबर में कोई सीट खाली नहीं है। चार नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी। ऐसे में लोगों को घर आने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे जंक्शन पर हर दिन सैकड़ों लोग फार्म भरकर लाइन में लगकर घंटों बाद जब आगे बढ़ते हैं तो उन्हें सैकड़ों की वेटिग मिलती है। यह अपनों के लिए टिकट पाने की उनकी हिम्मत जवाब दे जाती है। मजबूर होकर अपने कदम पीछे कर लेते हैं। प्रयागराज व छिवकी तक आने वाली गाड़ियों में भी यहां से टिकट नहीं मिल रहे हैं। साथ ही महानगरी एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस व पवन एक्सप्रेस जैसी गाड़ियों में वेटिग टिकट मिलना भी मुश्किल हो गया है। मंगलवार को गड़वारा के रामजी, बिहारगंज के नवीन कुमार, रानीगंज के संजय यादव समेत कई लोग टिकट न पाने पर मायूस होकर लौट गए। साइबर सेंटरों पर जाने से भी काम नहीं बन सका। इस बारे में मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक रणवीर सिंह का कहना है कि त्योहारी सीजन का असर देखने को मिल रहा है। इन दिनों महानगरों से गृह जनपद आने वालों की टिकट की डिमांड बढ़ी है।

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