हेराफेरी कर स्टेट टॉपर बने रजनीश से वापस लिया जाएगा टैबलेट और मेडल, एक लाख की रिकवरी का आदेश जारी
संस्कृत बोर्ड टॉपर रजनीश यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं, अभिलेखों में हेराफेरी के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद अब विभागीय जांच में भी अनियमितता मिली है।

HighLights
रजनीश यादव पर अभिलेखों में हेराफेरी का आरोप सिद्ध हुआ।
विभागीय जांच में दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं।
एक लाख रुपये, टैबलेट, मेडल, प्रशस्ति पत्र वापस होंगे।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की उत्तर मध्यमा परीक्षा में प्रदेश स्तर पर टाप करने वाले रजनीश यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
अभिलेखों में हेराफेरी के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद अब विभागीय जांच में दस्तावेजों को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। इस पर शासन की ओर से मिले मेधावी सम्मान की धनराशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र वापस लेने का आदेश जारी किया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक की जांच और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रसूलपुर एवं सराय आनादेव के प्रधानाचार्यों की संयुक्त जांच के साथ श्री राम टहल संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय यदुनाथपुर सैफाबाद के प्रधानाचार्य से प्राप्त अभिलेखों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के अध्यक्ष व निदेशक माध्यमिक शिक्षा प्रताप सिंह बघेल ने 10 अगस्त 2026 को जारी आदेश में कहा है कि जांच आख्या और उपलब्ध अभिलेखीय साक्ष्यों से यह पुष्टि होती है कि छात्र रजनीश यादव पुत्र हीरालाल यादव ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पूर्व मध्यमा से उत्तर मध्यमा स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण की।
आदेश में कहा गया है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रजनीश यादव द्वारा पूर्व मध्यमा से उत्तर मध्यमा स्तर तक प्राप्त शैक्षिक अभिलेख निरस्त किए जाएं। साथ ही शासन की ओर से मेधावी सम्मान के रूप में प्राप्त एक लाख रुपये की धनराशि, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र वापस लिए जाएं।
निदेशक की ओर से जारी आदेश की प्रतिलिपि छात्र रजनीश यादव सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। अभिलेखों में कथित हेराफेरी को लेकर पहले ही मुकदमा दर्ज होने के बाद अब सम्मान वापस लिए जाने के आदेश से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
शासन ने संस्कृत बोर्ड के टॉपर रजनीश को दी गई एक लाख की धनराशि की रिकवरी के साथ ही टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र वापस लेने का आदेश दिया है। कार्रवाई होगी।
-ओमकार राणा, डीआईओएस
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