प्रतापगढ़ : सदर विधानसभा सीट के लिए सोमवार को हो रहे उप चुनाव के दौरान सदर ब्लाक के बबुरहा गांव के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार का निर्णय ले लिया। इसकी भनक मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस द्वारा गांव के 60 लोगों के खिलाफ की गई पाबंद की कार्रवाई से आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने-बुझाने में अधिकारियों को घंटे भर जूझना पड़ा और तब जाकर ग्रामीण मतदान के लिए तैयार हुए। इस तरह से यहां पर डेढ़ घंटे तक मतदान प्रक्रिया बाधित रही।

सदर विधानसभा क्षेत्र अंर्तगत आने वाले बबुरहा गांव के 60 लोगों के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने 107-16 में पाबंद की कार्रवाई कर दी थी। इस बारे में लोगों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया। इसके बावजूद ग्रामीणों से ना तो कोई प्रशासनिक अधिकारी मिलने गया और ना ही फंसे हुए बेगुनाह ग्रामीणों के खिलाफ हुई कार्रवाई को वापस लेने की कोई प्रक्रिया हुई। इससे नाराज ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय ले लिया था। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले में कोई हलचल नहीं हुई। वही हुआ जिसका अंदेशा था, सोमवार को ठीक सात बजे सभी केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। वहीं बबुरहा गांव के मतदान केंद्र के बाहर ग्रामीण एकत्र होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इससे खलबली मच गई। जोनल मजिस्ट्रेट मोहन लाल गुप्ता मौके पर पहुंचे और नाराज लोगों को समझाना चाहा, मगर बात नहीं बनी। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव के उन 60 लोगों को 107/16 में पाबंद कर दिया गया, जिनका न तो कोई आपराधिक रिकॉर्ड है और ना ही वे दबंग प्रकृति के हैं। ऐसे में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को बार-बार कहने के बावजूद निरस्त नहीं किया गया। वे किसी भी कीमत पर मतदान नहीं करेंगे। जोनल मजिस्ट्रेट ने तत्काल एसओ को बुलाया और ग्रामीणों से बात करने को कहा। अधिकारियों ने किसी तरह ग्रामीणों को मना लिया। सुबह सात बजे शुरू होने वाली मतदान की प्रक्रिया साढ़े आठ पर शुरू हो पाई। इस तरह से मतदान डेढ़ घंटे विलंब से शुरू हुआ। एहतियात के तौर पर वहां काफी फोर्स तैनात कर दी गई।

Posted By: Jagran

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