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उच्चतम न्यायालय की फटकार से प्रतापगढ़ में खलबली, कंधई थाना के कोतवाल लाइन हाजिर, सख्त कार्रवाई का कारण भी जान लें

By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 02 Nov 2025 12:35 PM (IST)

प्रतापगढ़ में उच्चतम न्यायालय की फटकार के बाद कंधई थाने के कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया गया। राम सागर ...और पढ़ें

शीर्ष अदालत के निर्देशों को नहीं मानने पर प्रतापगढ़ में कंधई के कोतवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है।

शीर्ष अदालत के निर्देशों को नहीं मानने पर प्रतापगढ़ में कंधई के कोतवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है। 

HighLights

  1. डीजीपी के आदेश पर कंधई कोतवाल गुलाब चंद्र को कुर्सी से हटाया गया

  2. एक केस में पुलिस द्वारा उत्पीड़न व अपमानित करने का आरोप लगा था

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। जिले के कंधई कोतवाल गुलाब चंद्र सोनकर को निर्देशों को नहीं मानने और अमर्यादित टिप्पणी करने पर उच्चतम न्यायालय की फटकार के बाद पैदल कर दिया गया है। देर रात एसपी ने कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया।

क्या था मामला? 

कंधई के रहने वाले पीड़ित राम सागर तिवारी ने अपने एक केस में पुलिस द्वारा उत्पीड़न व अपमानित करने का आरोप लगाते हुए राहत व न्याय की अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी कंधई थाना प्रभारी गुलाब चंद्र व दारोगा राजेश यादव ने पीड़ित राम सागर को गिरफ्तार किया था।

एडीजी प्रयागराज जोन ने प्रतापगढ़ आकर की थी जांच  

इस पर शीर्ष कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया था कि एडीजी स्तर के अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर रिपोर्ट दें। एडीजी प्रयागराज जोन डा. संजीव गुप्ता ने पूरे मामले की प्रतापगढ़ आकर जांच की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने माना इंस्पेक्टर ने आदेश की अवहेलना की 

रिपोर्ट 14 सितंबर को शीर्ष कोर्ट में पेश की थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 17 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान इंस्पेक्टर कंधई को व्यतिगत तौर पेश होने को कहा था गया था। जब वह कोर्ट में पेश हुए तो सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि इनके द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की गई है।

डीजीपी के आदेश पर कोतवाल को कुर्सी से हटाया गया 

अदालत ने कहा कि ऐसे पुलिस कर्मी को वर्दी की आड़ में न्याय की धारा को गंदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह आवमानना अपराध 1971 की धारा 12 के अंतर्गत आती है। सरकार इन पर कार्रवाई करे। इसके बाद डीजीपी के आदेश पर कोतवाल गुलाब चंद्र को कुर्सी से हटा दिया गया।

 एक और व्यक्ति ने लगाया है भ्रष्टाचार का आरोप 

इधर काफी विवादों में रहे थाना प्रभारी के खिलाफ उसी इलाके के ही रहने वाले एक और व्यक्ति ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बंच में केस दाखिल किया है। इस में भी शासन स्तर से जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

 एसपी बोले- अन्य प्रकरण की भी कराई जा रही जांच 

एसपी दीपक भूकर ने बताया कि कंधई प्रभारी को हटा दिया गया है। अन्य प्रकरण की जांच की जा रही है। पट्टी कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक अनिल कुमार को प्रभारी निरीक्षक कंधई बनाया गया है।

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