प्रतापगढ़ : सगी बहनों की रहस्यमय मौत की घटना को लेकर शहर के आंबेडकर चौराहे पर धरने पर बैठे पीड़ित परिवार को पुलिस ने सोमवार देर रात जबरन उठा दिया। पुलिस ने टेंपो पर बैठाकर पूरे परिवार को उनके घर भेज दिया। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया है।

नगर कोतवाली क्षेत्र के चकबनतोड़ गांव निवासी सुभाष चंद्र राव की बेटियां शिवांगी (18) व अंजली (16) दो दिसंबर को सुबह नौ बजे घर से स्कूल के लिए निकली थी। इसके बाद घर लौटकर नहीं आईं। अगले दिन दोनों का शव सांगीपुर थाना क्षेत्र के घुइसरनाथ धाम के पास सई नदी में मिला था। पुलिस घटना को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है। जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि दोनों बहनों की हत्या की गई है। इस बीच इंसाफ की मांग को लेकर मृत बहनों के पिता सुभाष राव, मां संगीता, बाबा चितामणि, चाचा अरविद, बुआ मंजू समेत पूरा परिवार सोमवार को दोपहर आंबेडकर चौराहे पर धरने पर बैठ गया था। धरनास्थल पर कांग्रेस, भीम आर्मी, एआइएआइएम ने धरनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार की आवाज बुंलद की थी।

इस बीच पुलिस मौके के इंतजार में थी। रात करीब 12 सुनसान होने पर कोतवाल सुरेंद्रनाथ, एसएसआइ रमेश राय, सिविल लाइन चौकी इंचार्ज अनिल पांडेय धरनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से धरना समाप्त करने को कहा। इन्कार करने पर पुलिस ने पूरे परिवार को जबरन धरने से उठा दिया और टेंपो पर बैठाकर घर भेज दिया। पीड़ित पिता सुभाष का आरोप है कि रात में पुलिस ने उनसे गाली गलौच की। धमकी दी कि परिवार की दो बेटियां खत्म हुई है, नहीं तो लट्ठ मारकर ठीक कर देते। सुभाष का कहना है कि वह चुप नहीं बैठेगा। जब तक उसकी बेटियों के कातिल नहीं पकड़े जाएंगे, उसका आंदोलन जारी रहेगा।

आंबेडकर चौराहे पर मुस्तैद थी पीएसी : पीड़ित परिवार दोबारा धरने पर न बैठने पाए और कांग्रेसी कोई आंदोलन न कर सके, इसलिए मंगलवार को आंबेडकर चौराहे पर पीएसी लगा दी गई थी। पूरे दिन पीएसी के जवान चौराहे पर डटे रहे। हालांकि मंगलवार को आंबेडकर चौराहे पर कोई हंगामा, प्रदर्शन नहीं हुआ।

Posted By: Jagran

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