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UP News: यूपी में लापरवाही की भेंट चढ़ेगा 'विकास', इस वजह से 70 गांवों की रुकेगी किस्त

जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि जनपद की 70 ग्राम पंचायतों में UP News विकास कार्यों में हुए खर्च का वार्षिक पुस्तिका में अपडेट नहीं किया गया है। इसके लिए ग्राम पंचायतों के सचिव को पत्र लिखा गया है। खर्च का ब्योरा अपडेट नहीं किया तो अगली किस्त नहीं आएगी। इसकी जवाबदेही प्रधान और सचिव की होगी।

By Jagran News Edited By: Vivek Shukla Published: Sun, 09 Jun 2024 10:23 AM (IST)Updated: Sun, 09 Jun 2024 10:23 AM (IST)
ईयर बुक को अपडेट करने में दर्जनों प्रधान और सचिव लापरवाही बरत रहे हैं।

 संवाद सूत्र, जागरण, प्रतापगढ़। ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त से इंटरलाकिंग, सीसी, नाला एवं नाली निर्माण आदि तरह के विकास कार्य कराए जाते हैं। इसका हर साल वार्षिक पुस्तिका यानी ईयर बुक में अपडेट किया जाता है। तब जाकर अगली किस्त ग्राम पंचायतों के खाते में आती है।

इन दिनों ईयर बुक को अपडेट करने में दर्जनों प्रधान और सचिव लापरवाही बरत रहे हैं। इससे ग्राम पंचायतों की निधि रुकनी तय है। वर्ष 2023-24 में जनपद की 70 ग्राम पंचायतों में हुए खर्च का ब्योरा अभी तक अपडेट नहीं किया गया है। पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के सत्यापन में इसका राजफाश हुआ।

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इसमें शिवगढ़ के बांसी, दांदूपुर, हुसेनपुर, जगदीशपुर, रामगढ़, संसरियापुर व तिवारीपुर शामिल है। इसके अलावा सांगीपुर के अलावलपुर, नरवल, रामपुर संग्रामगढ़ के महमदपुर चारपुरा, सदर के बड़नपुर, बढ़नी, चकवनतोड़, जहनईपुर, मादूपुर, नसीरपुर, नौबस्ता समेत 70 गांवों में 31 मार्च के पहले विकास कार्यों में किए गए भुगतान को अपडेट नहीं किया गया है।

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इसके पहले भी कई पर प्रधानों और सचिवों को सचेत किया गया। अधिकांश ने ब्योरा अपडेट किया, लेकिन 70 ग्राम पंचायतों में इसे अपडेट नहीं किया गया। इससे पूरी संभावना है कि किस्त रुक जाएगी।

जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि जनपद की 70 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में हुए खर्च का वार्षिक पुस्तिका में अपडेट नहीं किया गया है। इसके लिए ग्राम पंचायतों के सचिव को पत्र लिखा गया है। खर्च का ब्योरा अपडेट नहीं किया तो अगली किस्त नहीं आएगी। इसकी जवाबदेही प्रधान और सचिव की होगी।


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