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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

73 शिक्षकों में जिले के फरहीम होंगे पुरस्कृत

By JagranEdited By:
Published: Sat, 04 Sep 2021 05:05 PM (IST)

संसू प्रतापगढ़ प्रदेश के 73 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार 2019 के लिए चिन्हित किया गया था। इस

73 शिक्षकों में जिले के फरहीम होंगे पुरस्कृत
73 शिक्षकों में जिले के फरहीम होंगे पुरस्कृत

संसू, प्रतापगढ़ : प्रदेश के 73 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार 2019 के लिए चिन्हित किया गया था। इसमें प्रतापगढ़ के माडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के फरहीम भी शामिल हैं। शिक्षा निदेशक बेसिक सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने इन्हें शिक्षक दिवस पर डीएम द्वारा सम्मानित करने का निर्देश दिया है। फरहीम ने अपने स्कूल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया है। कोरोना काल में भी वह मोहल्ला कक्षाओं को संचालित कराते रहे। आनलाइन पढ़ाई के साथ ही वैज्ञानिक माडल में भी यहां के बच्चे पुरस्कृत हो चुके हैं। जिले का यह पहला स्कूल है, जिसका आनलाइन निरीक्षण कहीं से भी किया जा सकता।

माडल उच्च प्राथमिक विद्यालय कटरा गुलाब सिंह के बच्चे इंग्लिश मीडियम में स्वयं शिक्षक की भूमिका में बच्चों को पढ़ाना सीख गए। इनमें आयुष अग्रहरि, प्रियांशु अग्रहरि, भावना शुक्ला, आस्था सिंह समेत कई बच्चे शामिल हैं। यह सब राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मो. फरहीम की काबिलियत की वजह है। बिना विभाग की मदद से फरहीम ने विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, डिजिटल स्मार्ट क्लास, 16 सीसी टीवी के साथ हाईटेक शिक्षण व्यवस्था, कंप्यूटर, लाइट, बिजली, पंखा, फर्नीचर आदि अपने संसाधनों से उपलब्ध कराएं हैं।

- कोरोना काल में भी प्राची ने जलाए रखी शिक्षा की लौ

फोटो- 04 पीआरटी- 16

संसू, प्रतापगढ़ : सदर विकास खंड के माडल प्राथमिक विद्यालय जहनईपुर की प्रधानाध्यापिका प्राची पांडेय ने कोरोना काल में शिक्षा की लौ जलाए रखी। अपनी शैक्षिक एवं अन्य गतिविधियों के कारण वह हमेशा बेसिक शिक्षा के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहीं। विद्यालयीय अभिलेखों के सुसज्जित रखरखाव, कोरोना के समय में आनलाइन शिक्षण, परीक्षा एवं आनलाइन मूल्यांकन, मोहल्ला क्लास, महिला सशक्तीकरण के लिए महिला सुरक्षा के विभिन्न कार्यक्रम विद्यालय में उनके द्वारा कराए गए। संकुल शिक्षक के रूप में अपने संकुल में ही नहीं बल्कि पूरे सदर विकास खंड में अपने संकुल की विशिष्ट पहचान बनाई।