प्रतापगढ़ : शहर के राजकीय इंटर कालेज में शिक्षकों की बेहद कमी है। कभी यहां प्रवेश के लिए सोर्स लगाना पड़ता था। समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और इंटर विज्ञान वर्ग में पढ़ाने के लिए यहां एक भी शिक्षक नहीं हैं। कालेज के प्रधानाचार्य ने वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए उधार के शिक्षकों से फिजिक्स, कमेस्ट्री, बायोलॉजी व हिदी पढ़ाने की व्यवस्था की है। यही हाल जीजीआइसी खरवई का भी है।

जनपद मुख्यालय पर स्थित राजकीय इंटर कालेज कभी अपनी अलग से पहचान रखता था। यहां के प्रमुख शिक्षकों में फिजिक्स के एसएन सिंह, राम सरदार शुक्ल, कमेस्ट्री में शफीक अहमद सिद्दीकी, बायोलाजी, अंग्रेजी में जफर अली नकवी, हरिशंकर पांडेय, गणित में सतीश चंद्र पांडेय, हिदी में हरगोविद तिवारी का नाम शुमार था। यहां प्रवेश के लिए सोर्स लगाना पड़ता था। आज स्थितियां बदल गई हैं। कई सालों से शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि इंटर के विज्ञान वर्ग में अंग्रेजी छोड़कर किसी विषय के शिक्षक नहीं हैं। जबकि बच्चों की संख्या छह सौ है। इन्हें पढ़ाने के लिए फिजिक्स, कमेस्ट्री, बायोलाजी, हिदी विषय के शिक्षक नहीं हैं। कालेज के प्रधानाचार्य राजकुमार सिंह बताते हैं कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए बाहर से शिक्षकों को बुलाकर पढ़ाई कराई जा रही है। जल्द ही प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह से मिलकर शिक्षकों की नियुक्ति कराने की मांग की जाएगी।

------- इनसेट-- जीआइसी में शिक्षकों की कमी है। इसके संबंध में शासन को पूरी रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है। शिक्षकों की नियुक्ति शासन से ही होती है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बाहर के शिक्षकों से पढ़ाई कराई जा रही है। -सर्वदा नंद, डीआइओएस

--------- जीजीआइसी खरवई में विज्ञान शिक्षक के लिए डीएम से गुहार

संसू, विश्वनाथगंज : जिले के दक्षिणांचल में मुख्यालय से 20 किमी दूर प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग के बगल स्थित खरवईं ग्रामसभा में स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खरवई में विज्ञान के शिक्षक न होने से सैकड़ों छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे छात्राओं की विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय की पढ़ाई यहां रामभरोसे ही है । विज्ञान का शिक्षक न होने से छात्राओं एवं उनके अभिभावकों में भारी रोष है । इसे लेकर डीएम व डीआइओएस को ज्ञापन दिया गया। इसी विद्यालय में अध्ययनरत तनु मिश्रा के पिता आलोक आजाद ने बताया कि आज के इस तकनीकी युग मे विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय का शिक्षक खरवई के जीजीआइसी में न होना शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही दर्शाता है । उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार विद्यालय प्रबंधन से बात की गई, कितु हर बार आश्वासन ही मिला। आलोक आजाद के नेतृत्व में सैकड़ों अभिभावकों ने जिलाधिकारी सहित जनपद के शिक्षा अधिकारियों से ज्ञापन के माध्यम से विद्यालय में अविलंब विज्ञान का शिक्षक नियुक्त करने की मांग की है । डीआइओएस सर्वदा नंद ने बताया जल्द ही जीजीआइसी खरवई में विज्ञान की पढ़ाई की व्यवस्था कराई जाएगी।

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