संवाद सूत्र, प्रतापगढ़ : मंडी कर्मियों की लापरवाही से समिति को चूना लग रहा है। लाइसेंसी दुकानदार के अलावा बिना लाइसेंस के दुकानदार निडर होकर सब्जी व फल की दुकान लगा रहे हैं। इससे मंडी समिति की अच्छी खासी चपत लग रही है।

मंडी समिति में 129 दुकानदारों को दुकान खोलने का लाइसेंस दिया गया है। इसमें सब्जी, फल आदि की दुकानदार हैं। यह सारे दुकानदार मंडी में दुकान खोलते हैं, लेकिन दर्जनों की संख्या में ऐसे दुकानदार हैं जो मंडी कर्मियों की कृपा पर जमीन पर दुकान लगा रहे हैं। यह बिना लाइसेंस वाले दुकानदार हैं। वह मनमाने तरीके से मंडी में आकर रोजाना दुकान लगाते हैं। वह मंडी कर्मियों को निर्धारित महीना देकर दुकान चला रहे हैं। बिना लाइसेंस वाले दुकानदारों को दुकान लगाने से कभी मना न किया गया। इसलिए वह बेखौफ होकर दुकान खोल रहे हैं। इसके अलावा वह सड़े सब्जी व फल आदि को भी इधर उधर फेंककर चले जाते हैं। उसकी दुर्गंध से लोगों को जीना दूभर हो गया है। प्रभारी मंडी सचिव रमेश चंद्र पांडेय से बात करने का प्रयास किया तो उनका फोन नहीं रिसीव हुआ। एक से पांच साल तक रहता है वैध

सब्जी व फल की दुकान लगाने वाले दुकानदारों को दो तरह का लाइसेंस मंडी समिति बनाती है। इसमें एक साल व पांच साल तक का लाइसेंस मंडी समिति बनाती है। एक साल साल के लाइसेंस के लिए 250 रुपये व पांच साल व आजीवन तक के लिए अलग शुल्क जमा कराया जाता है। साल के जून माह में लाइसेंस का रेन्युवल होता है। गेट पर होती है वसूली

महुली मंडी में रोजाना भोर पांच बजे से ही सब्जियों की गाड़ी आनी शुरू हो जाती है। आए दिन मंडी में काफी संख्या में टेंपो, मालवाहक सहित अन्य वाहनों पर सब्जियों से लदी गाड़ियों को कुद पैसा लेकर अंदर प्रवेश दिया जाता है। इस पूरे खेल में मंडी के कई कर्मी शामिल हैं। बिना लाइसेंस वाले दुकानदारों की जल्द ही लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

- नीतेश कुमार, मंडी सहायक महुली मंडी

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