प्रतापगढ़ : जेठवारा पुलिस ने शनिवार देर रात बढ़नी मोड़ से बोलेरो व कार सवार सात शातिरों को गिरफ्तार कर अंतरजनपदीय एटीएम कार्ड हैकर्स गैंग का पर्दाफाश किया है। हालांकि, तीन शातिर भाग निकलने में कामयाब रहे। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से 21 हजार रुपये, 11 एटीएम कार्ड, एक स्वैप मशीन, दो चार पहिया वाहन व दो बाइक बरामद किया है।

जेठवारा एसओ विनोद यादव सराय आनादेव गांव स्थित पेट्रोल पंप के पास चेकिग कर रहे थे। तभी उन्हें सूचना मिली कि एटीएम कार्ड की हेरा-फेरी करने वाले शातिर बदमाश सुबह से निकले हुए हैं। इस समय वह प्रतापगढ़ शहर से मोहनगंज होते हुए कुंडा की ओर जाने वाले हैं। इस पर एसओ ने स्वाट टीम प्रभारी अजय सिंह को भी बुला लिया। फिर पुलिस टीम के साथ बढ़नी मोड़ पहुंचकर बैरियर लगाकर चेकिग करने लगे। देर रात करीब 01:20 बजे एक बोलेरो व कार, दो बाइक आती हुई दिखायी दी। बैरियर गिराकर पुलिस ने उन लोगों को रोका। इतने में गाड़ी रुकते ही कार सवार दो व बाइक सवार एक बदमाश भाग निकले। जबकि शातिर सैयद खान उर्फ शहजाद पुत्र कमालुद्दीन खान निवासी तिलौरी, लालगंज, शाबान खान उर्फ शब्बन पुत्र इलियास निवासी ढकवा, लालगंज, अभिषेक पांडेय उर्फ अमित उर्फ ट्राली पांडेय पुत्र रामकृष्ण पांडेय उर्फ राजेश निवासी डाड़ी,जेठवारा, मंजीत यादव पुत्र राममूर्ति यादव व वीरेंद्र कुमार दूबे उर्फ लवकुश निवासीगण पतुलकी, जेठवारा, मुन्ना सिंह उर्फ अतुल प्रताप सिंह उर्फ जादूगर पुत्र दुर्योधन सिंह निवासी खड़गपुर, लालगंज, दिनेश पांडेय उर्फ मदीनू पांडेय पुत्र राजेंद्र पांडेय निवासी मानापुर सिधौर जेठवारा को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से एक बोलेरो, एक कार, दो बाइक, दो तमंचा, 13 कारतूस, 21540 रुपये, एक एटीएम स्वैप मशीन व 11 एटीएम कार्ड बरामद किया गया। मौके से भागे जीशान पुत्र मुस्तकीम निवासी बाबूगंज, लालगंज, गुलुम उर्फ हलीमुद्दीन निवासी ढकवा, लालगंज, चित्रसेन सिंह पुत्र राजकुमार सिंह निवासी काछा, जेठवारा भाग निकले थे। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार शातिरों में मंजीत यादव, लवकुश यादव, अभिषेक पांडेय, सैयद खान कुछ महीने पहले गैंगस्टर के मुकदमें में जमानत पर छूटे हैं।

कोड पर रहती है नजर : पुलिस का दावा है कि शातिरों ने कबूल किया है कि एटीएम मशीन से पैसा निकालने आने वाले गांव के सीधे व्यक्ति, बुजुर्ग, महिला को टारगेट करते हैं। उनका एक साथी एटीएम बूथ में जाकर सहायता करने की आड़ में उसका पिन कोड जान लेता हैं। एक छोटी मशीन अपने हाथ में छिपाकर रखते है और उस व्यक्ति के एटीएम को स्वैप कर लेते है। शहजाद, वीरेंद्र, अभिषेक उस स्वैप मशीन को लैपटाप से जोड़कर एटीएम का क्लोन तैयार कर लेते हैं। फिर पैसा निकाल लेते है।

इसके अलावा दूसरा तरीका है कि झांसा देकर एटीएम कार्ड को नकली एटीएम कार्ड से बदल लेते है। गैंग के सदस्य एटीएम बूथ के बाहर आस-पास रहते है। कोई गड़बड़ी होने पर पब्लिक बनकर गैंग के सदस्यों को बचाकर भगा देते हैं। वह यहां के अलावा जौनपुर, आजमगढ़, फतेहपुर, प्रयागराज, कौशांबी, सुल्तानपुर में एटीएम कार्ड की हेरा-फेरी करके पैसा निकाल चुके हैं।

Posted By: Jagran

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