लालगंज : किश्त देने के बहाने बुलाकर एलआइसी के एजेंट को गाली गलौज व धक्का-मुक्की करते अपमानित किया गया। इससे आहत होकर एजेंट ने घर जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया। उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया। वहां पर मौत गई और वहीं पर पोस्टमार्टम कराया गया। इस गंभीर मामले में पुलिस ने चार आरोपितों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज किया है।

लालगंज कोतवाली के रायपुर तियाई निवासी वीरेंद्र प्रताप सिंह (50) एलआइसी एजेंट थे। वीरेंद्र के स्वजनों का आरोप है कि 23 जनवरी को खपराही निवासी सुरेश चंद्र ओझा ने एलआइसी की किस्त देने के लिए उन्हें अपने घर बुलाया। वहां सुरेशचंद्र, उनके बेटे पंकज ओझा व अगई निवासी माता प्रसाद पांडेय व हरि प्रसाद पांडेय पुत्रगण लल्लू पांडेय के साथ उनसे धक्का-मुक्की की। गाली गलौज करते हुए अपमानित किया। इससे आहत होकर वीरेंद्र घर लौटे और 25 जनवरी को जहरीला पदार्थ खा लिया। उसी दिन परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले गए। इलाज के दौरान उसी शाम उनकी मौत हो गई। पुलिस से शिकायत पर वहीं पर पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहर खाने से बताया गया है। इसी क्रम में 26 जनवरी को उनके शव का अंतिम संस्कार रायबरेली में डलमऊ घाट पर कर दिया गया। एजेंट वीरेंद्र के बेटे अंकित सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सुरेश चंद् ओझा सहित चार आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। इस बारे में प्रभारी कोतवाल राजेश कुमार का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।

---- पत्नी और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल

एजेंट की पत्नी रेखा सिंह, बेटे अमित सिंह (22) का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों में आक्रोश भी है। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलेंगे।

Edited By: Jagran