यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस परिषदीय स्कूल में पढ़ाई भी हाइटेक
जिले में एक ऐसा परिषदीय स्कूल है जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। वाइफाई सीसीटीवी से लैस स्कूल में पढ़ाई ...और पढ़ें

संसू, प्रतापगढ़ : जिले में एक ऐसा परिषदीय स्कूल है जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। वाइफाई, सीसीटीवी से लैस स्कूल में पढ़ाई भी हाइटेक है। जिले के साथ ही प्रदेश के अफसर इस विद्यालय का आनलाइन निरीक्षण कर सकते हैं। हम बात कर रहे हैं मॉडल पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटरागुलाब सिंह की। यहां के राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मो. फरहीम ने स्कूल में लाखों रुपये स्वयं से लगाकर हाइटेक कर दिया है। इसके साथ ही इस स्कूल के बच्चे विज्ञान के क्षेत्र में नाम रोशन कर रहे हैं। तभी तो गणतंत्र दिवस पर सूबे के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने इस स्कूल के बच्चों को महान वैज्ञानिक अब्दुल कलाम की उपाधि से विभूषित किया था। यह जिले का पहला स्कूल है जहां चौकीदार की नियुक्ति की गई है।
मॉडल पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटरागुलाब सिंह में वाइफाई, सीसीटीवी तथा स्मार्ट टीवी की व्यवस्था की गई है। विद्यालय का कार्यालय, सभी कक्षाएं तथा संपूर्ण प्रांगण में आधुनिक उपकरणों से लैस है। विद्यालय में कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ ही बच्चों के लिए वाइफाई स्मार्ट टीवी की भी व्यवस्था की गई है। विद्यालय में तीन प्रोजेक्टर, पांच कंप्यूटर, बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीन, लैपटॉप, सोलर सिस्टम, पांच माइक, स्पीकर, ट्रॉली स्पीकर, डिजिटल स्मार्ट क्लास कंप्यूटर तथा साइंस लैब की व्यवस्था की गई है। इस वाइफाई हाईटेक की विशेषता यह है कि इसकी निगरानी किसी भी समय डीएम, बीएसए तथा खंड शिक्षा अधिकारी के साथ ही अभिभावकगण व लखनऊ में बैठे अफसर भी अपने मोबाइल से लाइव कक्षाओं तथा अन्य गतिविधियों का निरीक्षण कर सकेंगे। इस आधुनिक व्यवस्था से शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ समाज में एक अच्छा संदेश जा रहा है। इस आधुनिक व्यवस्था की शुरुआत विद्यालय के राज्यपुरस्कार प्राप्त शिक्षक मोहम्मद फरहीम ने की है। यह जिले का ऐसा पहला विद्यालय है, जिसका निरीक्षण अधिकारियों के द्वारा उनके मोबाइल से भी लाइव किया जा सकेगा। फरहीम ने बताया कि विद्यालय में लगाए गए उपकरणों की सुरक्षा के लिए स्वयं के खर्चे से उन्होंने एक चौकीदार की नियुक्ति की है। इस समय विद्यालय में 260 बच्चे पंजीकृत हैं और यह पहला स्कूल है जहां बच्चों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। स्कूल के शिक्षकों में अजीत प्रताप सिंह, पितामह यादव, अखिलेश प्रताप सिंह, आशा मिश्रा, शिखा श्रीवास्तव, अनुदेशक पवन कुमार व मनोज कुमार कार्यरत हैं। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि यह विद्यालय जिले का पहला प्रेरक विद्यालय है,जहां अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। अधिकारी यहां की गतिविधियों को ऑनलाइन देख रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई का यह आलम है कि आसपास के कान्वेंट स्कूल में बच्चों की संख्या आधी हो गई है। विज्ञान के क्षेत्र में यहां के बच्चे प्रदेश तक अपना नाम रोशन कर रहे हैं। तभी तो प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने गणतंत्र दिवस पर यहां के बच्चों को सम्मानित करते हुए महान वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कलाम की उपाधि से विभाूषित किया था।
