अदरक की चटनी में नींबू मिलाकर खाने से होगा फायदा, डॉ. रंगनाथ शुक्ला ने बताए आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. रंगनाथ शुक्ला ने अपच से बचने के लिए अदरक की चटनी में नींबू मिलाकर खाने की सलाह ...और पढ़ें

HighLights
अपच के लिए अदरक की चटनी में नींबू मिलाकर खाएं।
वर्षा ऋतु में हल्का, सुपाच्य और ताजा भोजन करें।
नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ शरीर को स्वस्थ रखते हैं।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। अपच से बचने के लिए अदरक की चटनी में नींबू मिलाकर खाना एक असरदार घरेलू उपाय है। अदरक पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है और नींबू पेट के पीएच स्तर को ठीक रखता है। वर्तमान में ग्रीष्म से वर्षा ऋतु के बीच का काल चल रहा है। इसमें पाचन शक्ति काफी कमजोर हो जाती है।
इस दौरान हल्के और सुपाच्य खाद्य पदार्थों का सेवन करना सेहत के लिए बेहतर होता है। हमेशा ताजा व गर्म भोजन ही खाएं। यह बातें राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पूरे भीखा मंगरौरा के चिकित्साधिकारी डॉ. रंगनाथ शुक्ला ने मंगलवार को दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में लोगों केे सवालों के जवाब देते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ पीयें। मूंग की दाल, अरहर और मसूर की दाल का सेवन करें। सलाद में अमरूद, चुकंदर, गाजर, खीरा का प्रयोग करें।
प्रस्तुत हैं कुछ चुनिंदा सवाल-जवाब:
सवाल: पेट में दर्द रहता है, खाना नहीं पचता, क्या करें?
जवाब: खाने के साथ अदरक की चटनी में नीबू निचोड़ कर खाएं, अपच नहीं होगी।
सवाल: मैं गठिया रोग से पीड़ित हूं, आयुर्वेद में कोई उपचार हो ताे बताएं?
जवाब: अरहर व उर्द की दाल के साथ राजमा न खाएं, इसके स्थान पर मूंग, मसूर की दाल का प्रयोग करें। गर्म जल से सिकाई करने के साथ बालू् मेंं आजवाइन मिलाकर सिकाई करें। किसी नजदीकी आयुर्वेदिक अस्पताल में जाकर डाक्टर को दिखाएं।
सवाल: दाहिने पैर में दर्द रहता है, क्या करें?
जवाब: आयुर्वेदिक अस्पताल मेंं जाकर डाक्टर को दिखा कर दवाएं लें।
सवाल: मौसमी बुखार से कैसे बचें, मेरा शुगर बढ़ रहा है?
जवाब: भोजन का मैनेजमेंट सही करके मौसमी बुखार से बच सकते हैं। पहले सलाद खाएं, फिर भोजन करें। सलाद में अमरूद, गाजर, चुकंदर, मूली ले सकते हैं। गेहूं व बेसन के मिक्स आटे की रोटी खाएं। आंवला चूर्ण में हल्दी मिलाकर लेने से भी लाभ होगा।
सवाल: डॉक्टर अपने पर्चे पर जो प्रिसक्रिप्सन लिखते हैं, क्या उसे हिंदी में नहीं लिख सकते?
जवाब: आयुर्वेद में सारी दवाएं हिंदी व संस्कृत में ही लिखी जाती हैंं।
सवाल: अंदर से बुखार है, कमजोरी है, खाना अच्छा नहीं लगता है?
जवाब: अभी भी आपको वायरल फीवर है। नजदीकी आयुर्वेदिक अस्पताल में दिखाएं।
सवाल: सुबह उठने पर पैरों में गांठ के नीचे मांश पेशियों में दर्द रहता है?
जवाब: खाने में परिवर्तन करें। आलू, चीनी, चावल कम करें। चने के बेसन की रोटी खाएं। मूंग, अरहर, मसूर की दाल खाने के साथ सलाद भी लें।
सवाल: हमारे घर में सभी को पेट की समस्या है, पतली दस्त हो रही है?
जवाब: वर्षा ऋतु में पानी का जलस्तर ऊपर हो जाता है। पानी के कारण ही ऐसा हो रहा है। पानी को उबाल कर ठंडा करके सेवन करें फायदा होगा।
सवाल: लैट्रिन सूख जाती है, पेट सही नहीं रहता?
जवाब: अमरूद का सेवन करें, पेट सही रहेगा। सूखा अन्न न खाएं, भोजन में सलाद खाएं।
सवाल: पेट में गैस बनती है, क्या करें?
जवाब: हर्र के पाउडर में एक चौथाई सोंठ मिलाकर सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ लें, फायदा होगा।
सवाल: मौसमी बीमारियों से बचाव के बारे में बताएं?
जवाब: आयुर्वेद के अनुसार वर्षा के मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इसमें हल्का एवं सुपाच्य भोजन करना चाहिए। दही खाना बंद कर दें, छाछ ले सकते हैं। पानी खूब पीयें, नारियल पानी, सत्तू का घोल, मूंग मसूर की दाल भी लाभकारी रहेगी।
