प्रतापगढ़ : विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में मंगलवार को दूसरे दिन भी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसमें विभाग के अफसर भी साथ दे रहे हैं। भंगवा चुंगी दफ्तर पर कर्मचारियों ने अपनी मांग रखते हुए जमकर नारेबाजी की। इधर दो दिन की हड़ताल से उपभोक्ता बेहाल हो गए। वह बिल नहीं जा कर पाए। पावर हाउस पर हड़ताल की नोटिस देख मायूस हो गए। विभाग को लाखों का चूना भी लगा।

यूपीपीसीएल में कर्मचारियों, अधिकारियों के जीपीएफ जीपीएफ में जमा धनराशि को सर्वोच्च प्रबंधन द्वारा से डीएचएफएल में असुरक्षित निवेश किए जाने के फलस्वरूप भविष्य निधि घोटाला हो गया। इसके विरोध में कर्मचारी व अधिकारी विद्युत वितरण मंडल के कार्यालय परिसर में जमा हुए। इस दौरान प्रबंधन द्वारा भविष्य निधि में जमा धनराशि की गारंटी न दिए जाने एवं दोषी आइएएस अधिकारियों को बर्खास्त करके जेल ना भेजने पर विरोध प्रकट किया। विरोध सभा में सभी कर्मचारियों अधिकारियों के 48 घंटे के कार्य बहिष्कार में हिस्सा लिया। अधिशासी अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि भविष्य निधि भविष्य निधि की धनराशि के भुगतान की सरकार स्वयं ले।

भविष्य निधि की धनराशि को सुरक्षित रूप से दागी प्रतिष्ठान डीजे में निवेश किए जाने के संबंध में अपनाई गई प्रक्रिया के संबंध में श्वेत पत्र जारी करें। अध्यक्ष जीसी यादव ने कहा कि दोषी अधिकारियों तथा ऊर्जा सचिव, मंत्री की संलिप्तता की सीबीआइ जांच की जाए, दोषियों को जेल भेजा जाए। इस अवसर पर अजीत सिंह यादव सचिव, अभिजीत कुमार शाह, उपाध्यक्ष अमित चतुर्वेदी, अमर बहादुर यादव, विनोद कुमार मौर्या, सुजीत कुमार जायसवाल, गिरजा शंकर मिश्र, शमीम अहमद, विवेक कुमार पांडेय, अजय कुमार मिश्रा, मनोज कुमार पाल, विनोद कुमार सरोज, राकेश कुमार, विवेक कुमार गुप्ता, विशाल कुमार, राकेश कुमार, विशाल आदि रहे।

Posted By: Jagran

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