प्रतापगढ़ : जिले में डेंगू का शिकंजा कसता जा रहा है। अब तो शहर क्षेत्र में भी यह जान ले रहा है। पुराना माल गोदाम रोड मोहल्ले में एक महिला की मौत से परिजनों में मातम छा गया है।

मोहल्ले का इमामुद्दीन गैस एजेंसी में काम करता है। उसकी पत्नी आमिना बेगम (56) को एक सप्ताह पहले बुखार आया। पहले वायरल संक्रमण समझकर इधर-उधर से परिजन दवा कराते रहे। आराम न मिलने पर निजी अस्पताल में ले गए तो डेंगू होने का पता चला। हीमोग्लोबिन तीन पर आ गया व प्लेटलेट्स छह हजार तक गिर गई। इसके बाद प्रयागराज रेफर किया गया पर वहां मंगलवार को मौत हो गई। पड़ोस में रहने वाले सपा नेता इरशाद सिद्दीकी ने सीएमओ को सूचना दी। सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव का कहना है कि टीम भेजकर रिपोर्ट ली जाएगी। उसके घर के आसपास छिड़काव कराया जाएगा।

पट्टी प्रतिनिधि के अनुसार लगभग 15 दिन पूर्व डड़वा महोखरी में डेंगू से हुई मौत के बाद क्षेत्र के दयालगंज में व्यापारी की डेंगू से मौत हो गई थी। नया मामला मंगरौरा विकास खंड में आया है। क्षेत्र के नावलपुर गांव निवासी मनीष कुमार दुबे (28) पुत्र सुरेश कुमार दुबे को बुधवार से तेज बुखार आ रहा था। परिजन उसे लेकर जिला मुख्यालय गए और रक्त की जांच कराई तो वहां डेंगू बुखार की पुष्टि हुई। डेंगू बुखार का नाम सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजन उसे लेकर प्रयागराज के एक निजी चिकित्सालय में गए जहां पर उसका इलाज चल रहा है।

क्षेत्र में अभी तक तीन लोगों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू बुखार से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं कर रहा है। कुंडा प्रतिनिधि के अनुसार मानिकपुर थाना क्षेत्र के कस्बा मानिकपुर सुल्तानपुर मोहल्ला निवासी पूर्व प्रधानाचार्य लालजी मिश्रा की हालत बीते दो दिनों से खराब चल रही थी। उन्हें बुखार की शिकायत थी। मंगलवार को प्रयागराज ले जाया गया तो जांच में पता चला कि उन्हें डेंगू की शिकायत है।

Posted By: Jagran

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