इंजीनियरिंग की डिग्री और कई MNC का अनुभव, बेल्हा से नेपाल तक… साइकिल यात्रा पर आयुषी, क्या दे रही संदेश?
आयुषी केसरवानी, जिन्हें 'बेल्हा वाली बेटी' के नाम से जाना जाता है, प्रतापगढ़ से नेपाल तक साइकिल यात्रा पर हैं। ...और पढ़ें

HighLights
आयुषी केसरवानी प्रतापगढ़ से नेपाल तक साइकिल यात्रा पर।
नारी सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण का दे रहीं संदेश।
बीटेक इंजीनियर ने नौकरी छोड़ समाज सेवा चुनी।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। नारी ही नारी को जगा सकती है। उसकी शक्ति व चेतना को बता सकती है। इसी तरह का प्रयास कर रही हैं बेल्हा वाली बेटी के नाम से चर्चित आयुषी केसरवानी। वह इन दिनों प्रतापगढ़ से नेपाल की साइकिल यात्रा पर हैं।
महिलाएं हर मंजिल को पा सकती हैं, हर चुनौती का सामना करके जीत का परचम फहरा सकती हैं, इस बात का संदेश प्रतापगढ़ की बेटी आयुषी दे रही हैं। वह साइकिल से प्रतापगढ़ की नेपाल यात्रा करके इन दिनों चर्चा में हैं। इंटरनेट मीडिया पर उनका हौसला बढ़ाया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण, नारी सशक्तीकरण, दहेज उन्मूलन और नशा मुक्ति जैसे विषय पर वह लोगों का ध्यान खींचती हैं। महिलाओं से संवाद करती हैं। आयुषी ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है और कई मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी का अनुभव भी रखती है।
उनको लगा कि महिलाओं को जागरूक करने के लिए नौकरी करते हुए काम करना मुश्किल होगा तो उन्होंने एक साल पहले नौकरी को त्याग दिया। इसके बाद वह नारी सशक्तीकरण के लिए समर्पित होकर काम करने लगीं।
उनका कहना है कि देश के हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो, इसका वह संदेश दे रही हैं। स्वच्छता अभियान को भी धार देना उनका मकसद है। उनकी साइकिल यात्रा को उनके पिता शिव प्रकाश केसरवानी व मां समेत परिवार के लोग भी प्रोत्साहित करते हैं।
नेपाल में पहुंचकर वहां से भी अपना वीडियो इंटरनेट मीडिया में आयुषी ने प्रसारित किया है। इसमें वह कभी साइकिल को धकेलते हुए, कभी उसकी मरम्मत करवाते हुए तो कभी तिरंगा और नेपाल का झंडा एक साथ लेकर चलती हुई नजर आती हैं।
एलायंस क्लब महिला शाखा की प्रमुख रेखा ऊमरवैश्य का कहना है कि आयुषी के प्रतापगढ़ लौटने पर उनका क्लब द्वारा स्वागत सम्मान किया जाएगा। लायंस क्लब की ओर से भी सम्मान किया जाएगा। इन संगठनों का मानना है कि नारी को आगे बढ़ाने में इस बिटिया का योगदान प्रेरक है।
