प्रतापगढ़, जेएनएन। प्रतापगढ़ जनपद के हथिगवां थाना क्षेत्र के बिहरिया गांव में गोवध मामले के वारंटी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। परिजनों के साथ ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर उसे छुड़ा लिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों को चोटें भी आई। सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंची लेकिन गांव से आरोपित फरार हो चुका था। इस मामले में कई नामजद और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपितों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।

गोवध मामले का आरोपित है नबी उल्लाह

बिहरिया गांव निवासी नबी उल्लाह पुत्र रजी उल्लाह वर्ष 2000 में गोवध मामले में आरोपित किया गया था। वह जेल से छूटने के बाद न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहा था। इस पर न्यायालय ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था। गुरुवार की रात हथिगवां थाने के एसओ उदय त्रिपाठी हमराहियों के साथ वारंटी की तलाश में उसके घर गए थे। वहां नबी उल्लाह दिखाई पड़ा तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। एसओ ने बताया कि उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी है।

नबी को पुलिस ने पकड़ा तो परिजनों ने किया हमला

पुलिस ने जब नबी उल्लाह को पकड़ा तो उसने चिल्लाकर अपने परिजनों को बताया। इस पर उसके परिजन शोर मचाते हुए पुलिस के पास पहुंचे। वह हाथापाई करते हुए पुलि टीम से मारपीट करने लगे। नबी उल्लाह को परिजनों ने छुड़ा लिया। हमले में सिपाही चंदन सिंह, नरेंद्र कुमार और विपिन कनौजिया को चोटें आई हैं। आरोप है कि इसी बीच ग्राम प्रधान तौकीर आलम भी अपने समर्थकों के साथ पुलिस टीम के पास पहुंचा। पुलिस कर्मियों की मानें तो उसने धक्का देते हुए उन्हें गांव से बाहर जाने की हिदायत दे डाली। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों से घिरी पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा।

सात नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस

गांव से अपनी जान बचाकर भागे पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी। तत्काल वहां कई थानों की फोर्स पहुंच गई। गांव में छापेमारी होने लगी लेकिन आरोपित पुलिस के हाथ नहीं आए। पुलिस टीम पर हमला और आरोपित छुड़ाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सात नामजद वह 15 अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस टीम पर हमला करने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। 

Posted By: Brijesh Srivastava

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