प्रतापगढ़ : शासन के नोडल अधिकारी एडीजी प्रयागराज जोन सुजीत पांडेय ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान सभी फरियादियों की शिकायतें सुनी और उसे निस्तारित करने का भरोसा दिलाया। तीन महीने बाद भी बैंक कर्मी के बेटे की हत्या का पर्दाफाश न होने पर एडीजी ने विवेचक लालगंज कोतवाल को तलब कर लिया।

नोडल अधिकारी एडीजी सुजीत पांडेय सोमवार को दिन में साढ़े नौ बजे प्रयागराज से सीधे पुलिस लाइन पहुंचे। वहां से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जनता की समस्याएं बारी-बारी से सुनीं। प्रत्येक फरियादी की बात को सुना और उन्हें समस्या का हफ्ते भर में निस्तारण करने का भरोसा दिलाया। जेठवारा थाना क्षेत्र के बिकरा गांव में मायके में रह रही नेहा पांडेय एडीजी से मिली। उन्होंने अपनी पीड़ा को बताते हुए कि 30 जून को देर शाम मायके से उन्हें लेकर पति शिवम पांडेय तिना गांव आ रहे थे। रास्ते में डाड़ी मोड़ के पास तीन नकाबपोश बदमाशों ने तमंचा दिखाकर रोक लिया और फिर उनका पर्स छीनने के बाद पति की गोली मारकर हत्या कर दी। आज तक घटना का पर्दाफाश नहीं हुआ। शिवम बैंक कर्मी राज किशोर पांडेय का बेटा था। इस पर एडीजी ने विवेचक लालगंज कोतवाल को तलब करते हुए नेहा को आश्वासन दिया कि घटना का जल्द से जल्द पर्दाफाश कराया जाएगा।

कुंडा कोतवाली क्षेत्र के बदलावन का पुरवा गांव निवासी रूबी यादव ने एडीजी से शिकायत की कि चार साल पहले मनोज यादव निवासी फरेदूपुर ने उनसे जबरन शादी की। पांच महीने पहले बेटा पैदा हुआ तो उसे घर से निकाल दिया। अब साथ नहीं रखने की धमकी दे रहा है। इस पर एडीजी ने पूछा कि मुकदमा दर्ज कराना चाहती हैं या कुछ और। इस पर नेहा ने कहा कि वह चाहती है कि मनोज को समझा दें कि उसे अपने साथ रखे। इस पर एडीजी ने मामले को महिला सहायता प्रकोष्ठ को सौंप दिया। अधिवक्ता व विहिप के कुंडा के जिलाध्यक्ष रहे ओम मिश्र के भाई रितेश मिश्र ने एडीजी से कहा कि उनके भाई ओम की हत्या शातिर बदमाशों ने की थी। पूरे परिवार की जान का खतरा बना हुआ है। एक सिपाही मिला है, जो एक भाई की सुरक्षा में रहता है। सुरक्षा न होने के कारण उन्होंने कोचिग सेंटर बंद कर दिया। इस पर एडीजी ने एसपी को एक और सिपाही देने का निर्देश दिया।

जूनियर बार के अध्यक्ष लीलाधर दुबे महामंत्री शेष बहादुर सिंह के साथ एडीजी से मिले। शेष बहादुर ने एडीजी से कहा कि मई महीने में सदर तहसील में उनसे कर्मचारियों ने मारपीट की थी। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया, लेकिन तहसील कर्मियों के खिलाफ मुकदमा नहीं लिखा गया। इस पर एडीजी ने मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। जनसुनवाई के बाद मीडिया से मुखातिब होने पर एडीजी ने कहा कि शासन की मंशा है कि बदमाश या तो जिला छोड़कर भाग जाएं या जेल के अंदर हो। इसके मद्देनजर पुलिस प्रभावी कार्रवाई कर रही है। यहां जन सुनवाई के दौरान परिवार और जमीन संबंधी शिकायतें अधिक मिली। आठ मामलों में उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया। इस मौके पर एसपी अभिषेक सिंह, एएसपी पूर्वी सुरेंद्र द्विवेदी, एएसपी पश्चिमी दिनेश द्विवेदी मौजूद थे। इसके बाद एडीजी ने पुलिस लाइन के सई कांप्लेक्स में डीएम, एसपी, जिला स्तरीय अफसरों व सभी सीओ के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा की। फिर एडीजी ने लालगंज कोतवाली का निरीक्षण किया। वह रात में यही रुकेंगे। बुधवार को भी जन सुनवाई करेंगे।

Posted By: Jagran

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