प्रतापगढ़ थाने में किशोरी भगाने के आरोपित युवक की मौत, इंस्पेक्टर सहित दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
प्रतापगढ़ में किशोरी को भगाने के आरोपी युवक अर्जुन गौतम ने कोतवाली पट्टी के शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
युवक ने कोतवाली शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या की।
परिजनों ने पुलिस पर पिटाई से मौत का आरोप लगाया।
लापरवाही के आरोप में दो पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर भगा ले जाने के आरोपित युवक ने कोतवाली पट्टी परिसर में बने शौचालय में फंदा लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह करीब 11 बजे हुई इस घटना से कोतवाली में अफरातफरी मच गई। एसपी समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। युवक के परिवार के लोगों ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया है। इस प्रकरण में लापरवाही के आरोप में पट्टी कोतवाल आनंद पाल सिंह व विवेचक एसआइ ओंकार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
कोतवाली पट्टी के मोलनापुर निवासी 22 वर्षीय अर्जुन गौतम उर्फ शैलेश पुत्र लल्लू राम गौतम पर क्षेत्र की 17 वर्षीय किशोरी को बहलाकर अपने साथ भगा ले जाने का केस तीन महीने पहले दर्ज हुआ था। बाद में दोनों बरामद किए गए थे। इसके बाद 17 अगस्त को फिर किशोरी घर से गायब हो गई। मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा कायम कराया गया।
किशोरी को भगा ले जाने आरोप में लाया गया था पूछताछ के लिए
पुलिस ने किशोरी को तीन दिन पहले बरामद किया। इसके बयान में फिर से अर्जुन गौतम की संलिप्तता मिली। उसे पूछताछ के लिए रविवार को कोतवाली पट्टी बुलाया गया था। किशोरी को वन स्टाप सेंटर में भेजने के बाद अर्जुन से पूछताछ चल रही थी। इसी बीच कोतवाली के शौचालय में जाकर दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर उसका इंतजार करने के बाद संदेह होने पर दरवाजा तोड़ा गया तो वह कंबल को फाड़कर बनाए गए फंदे से चुल्ले से लटकता दिखा। इससे वहां अफरातफरी मच गई।
स्वजन ने पट्टी पुलिस पर लगाया पीटकर मार डालने का आरोप
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, एसपी पूर्वी आलोक कुमार समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिवार से बात की। मृतक के पिता लल्लू राम समेत स्वजन ने आरोप लगाया कि अर्जुन को पकड़कर पुलिस ले गई और पीटे जाने से उसकी मौत हुई है। अर्जुन दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। वह म्यूजिक सिस्टम चलाने और लाइटिंग का काम करता था।
एसपी ने पिटाई से मौत का आरोप बेबुनियाद बताया
एसपी दीपक भूकर का कहना है कि युवक पर दर्ज केस की जांच चल रही थी। इसी बीच उसने आत्महत्या कर ली। पिटाई से मौत का आरोप बेबुनियाद है। प्रकरण में लापरवाह पाए गए दो पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी कराने का आदेश दिया गया है।
