संडवा चंद्रिका, प्रतापगढ़ : अंतू थाना क्षेत्र के सीमेंट व सरिया व्यापारी के पुत्र को बदमाशों ने अगवा कर लिया। फिरौती के तौर पर उससे 50 लाख रुपये मांगे। हालांकि अपहृत युवक किसी तरह से उनके चंगुल से निकल भागा। अयोध्या पुलिस की सहायता से परिजनों के बीच पहुंच सका। इस घटना से व्यापारी परिवार सहमा है।

अंतू थाना क्षेत्र के अदमापुर तेलियरगंज निवासी राम आसरे गुप्ता की बाबूगंज बाजार में सीमेंट सरिया की दुकान है। उस पर उसके साथ उसका बेटा दीपचंद भी पर बैठता है। 14 अक्टूबर को दोपहर दो बजे उसके मोबाइल पर रूबी यादव के नाम से एक फोन आया। उसके अंत में 700 नंबर लिखा हुआ था। फोन करने वाले ने बताया कि वह चंदिकन धाम के पीछे आ जाए। सरिया और सीमेंट का एडवांस पैसा देना है। इस पर दीपचंद दुकान से उठकर चंदिकन धाम के पीछे जैसे ही पहुंचा, वहां एक कार में पहले से ही मौजूद बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया। उसके हाथ बांध दिए और गाड़ी लेकर चल पड़े। इधर दीपचंद के काफी देर बाद भी दुकान पर न पहुंचने पर परिजनों को चिता होने लगी। देर शाम उसके पिता राम आसरे गुप्ता ने इसकी सूचना अंतू पुलिस को दी। इधर बदमाशों ने दीपचंद्र का अपहरण करने के बाद उसके पर्स में रखा पैसे ले लिए। रास्ते में उसके मोबाइल नंबर से उसके पिता को फोन करके कहा कि 15 तारीख की सुबह तक 50 लाख रुपये लेकर कानपुर आए जाए। स्थान की सूचना उसे कल सुबह दे दी जाएगी। पुलिस को सूचना देने पर हम दीप को नहीं छोड़ेंगे। इधर बदमाश उसे कानपुर न ले जाकर अयोध्या ले गए। दीपचंद्र के अनुसार शाम करीब सात बजे उसे गाड़ी से उतारकर एक मकान में ले जा रहे थे तो हमने शोर मचा दिया। इस पर वहां आसपास के लोगों ने बदमाशों को दौड़ा लिया, वहां से अपनी उसके बाद वह स्थानीय लोगों की मदद से फैजाबाद के यातायात कोतवाली पहुंचा। मदद की मांग की। तब वहां की कोतवाली पुलिस ने अंतू थाना से संपर्क किया। तब रात में ही गड़वारा पुलिस चौकी से दो सिपाही उसे लाने के लिए उसके राम आसरे के साथ रवाना किए गए। रात लगभग एक बजे तक लेकर वापस लौट आए।

घटना से डरा सहमा पूरा परिवार मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मिलना चाह रहा था, पर जिले में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के आने से और कप्तान की व्यस्तता के चलते उनसे नहीं मिला। केवल फोन पर मामले की जानकारी उनको दी। इधर बुधवार को परिवार ने एसपी से मिलने का दावा किया, पर एसपी इससे इन्कार कर रहे हैं। बुधवार को घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई तो लोगों में चर्चा का विषय बन गई।

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कहते हैं एसपी

एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि घटना की सूचना पर परिजनों के साथ युवक को लाने के लिए पुलिस टीम भेजी गई थी। पीड़ित परिवार ने उनसे बात तो की, पर अपहरण व फिरौती जैसी बात नहीं बताई। फिर भी घटना के बारे में गहराई से जांच कराई जा रही है। अयोध्या पुलिस से भी इस बारे में जानकारी ली जाएगी।

Posted By: Jagran

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