प्रतापगढ़ : भैंस के पेवस दूध से खुझरी बनाकर खाने से 27 लोगों की हालत बिगड़ गई। इससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। आननफानन में पीड़ितों को सीएचसी कुंडा ले जाकर भर्ती कराया गया।

हथिगवां थाना क्षेत्र के महरूपुर गांव निवासी राजकुमार सरोज की भैंस को रविवार को प्रसव हुआ। इसके बाद परिजनों ने उसका दूध निकाला और इकट्ठा किया। सोमवार की सुबह और शाम का दूध इकट्ठा कर करीब आठ लीटर पेवस दूध से खुझरी तैयार की गई। मंगलवार की दोपहर जब आसपास के लोग व रिश्तेदार राजकुमार के घर पहुंचे तो वह खुझरी खाने के लिए सभी लोगों के बीच बांट दी गई। खुझरी खाने के बाद लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। देखते ही देखते दोपहर करीब एक बजे खुझरी खाने वाले लोगों की हालत ज्यादा बिगड़ गई। इनमें राजकुमार व उनकी पत्नी कमला एवं बेटा गोविद, सत्यम एवं बेटी आकांक्षा की हालत पहले खराब होनी शुरू हुई। इसके बाद उनके रिश्तेदार राम सरोज के बेटे अर्जुन व पीयूष, रत्नेश की पत्नी लक्ष्मी, बेटी कविता व बेटा अमर, शंभू की बेटी रूबी व बेटा नीरज, अर्जुन की बेटी अंजली व नैंसी, अंजू पत्नी कुंजन, संतोष की बेटी सौम्या व बेटा सचिन की हालत भी खराब हो गई। इसी के साथ शिवम पुत्र नोखेलाल, साहिल पुत्र छोटेलाल, पुयारे का बेटे राज व अनुराग, कोमल पुत्री छोटेलाल, महेंद्र की पत्नी रिका व बेटी सिमरन एवं हर्षिता पुत्री पवन की भी स्थिति गंभीर हो गई। इन सभी को इलाज के लिए सीएचसी कुंडा में लाकर भर्ती कराया गया। सीएचसी प्रभारी डा. दिनेश सिंह का कहना है कि सभी लोग फूड प्वाइजनिग के शिकार हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि खतरे की कोई बात नहीं है। सभी की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

Posted By: Jagran

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